नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने रेल ट्रैक की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए स्थायी मैनुअल निरीक्षण पर जोर दिया है। बोर्ड के निदेशक (सिविल इंजीनियरिंग) सौरभ जैन ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि डबल रेल लाइन पर की-मैन को सुबह एक लाइन पर निरीक्षण करते हुए जाना होगा और दूसरी लाइन से लौटना होगा।
इस व्यवस्था से की-मैन हमेशा ट्रेनों की दिशा के विपरीत चलते हुए ट्रैक का निरीक्षण कर सकेंगे। संज्ञान में आया है कि कुछ मंडलों में मैनुअल निरीक्षण व्यवस्था का पालन सही से नहीं किया जा रहा है। ऐसे में रेलवे बोर्ड स्तर पर की-मैन की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
ये है रेलवे बोर्ड का आदेश
22 अप्रैल को लिखे गए पत्र में रेलवे बोर्ड के निदेशक ने की-मैन की ड्यूटी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी जोनल रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर को निर्देशित किया है कि वे स्थायी मैनुअल निरीक्षण का हर हाल में अनुपालन सुनिश्चित कराएं। बोर्ड निदेशक ने साफ किया है कि अब केवल ट्रैकमेंटेनर ग्रेड- वन (2800 ग्रेड पे) को ही की-मैन के रूप में तैनात किया जाएगा।
दक्ष स्टाफ को ही निरीक्षण ड्यूटी लगाने पर जोर
विशेष परिस्थितियों में ही वरिष्ठ और दक्ष ट्रैकमेंटेनर (1800 व 1900 ग्रेड पे) को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकेगी। रेलवे बोर्ड के इस कदम को ट्रैक सुरक्षा और रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, मंडलों में ट्रैक निरीक्षण को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। सिर्फ जूनियर ट्रैकमेंटेनर से ही की-मैन का कार्य लिया जा रहा है।
