बताया गया है कि नाबालिगा उम्र 16 वर्ष की तबियत खराब होने पर वृद्ध महिला उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची, डॉक्टरों ने उसे गायनिक वार्ड के लेबर रूम में जांच के लिए भेजा। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि नाबालिग करीब पांच माह की गर्भवती है। यह बात सामने आते ही परिवार और अस्पताल स्टाफ भी हैरान रह गया। इसकी सूचना तुरंत अस्पताल चौकी पुलिस को दी गई। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी को मामले की जानकारी दी गई। उनके निर्देश पर महिला सब इंस्पेक्टर अस्पताल पहुंचीं और नाबालिग और उसकी दादी के बयान दर्ज किए गए। शुरुआती बयान में नाबालिग ने बताया कि पिछले साल दीपावली के आसपास स्कूल के एक कमरे में एक शिक्षक और दो नकाबपोश लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर ले जाकर बेहोश किया और गैंगरेप किया। इस बयान के सामने आते ही पुलिस और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। पुलिस ने नाबालिगा के गांव और उसके परिवार के संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिससे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद महिला सब इंस्पेक्टर प्रीति कुशवाहा ने नाबालिग से अलग से शांत तरीके और मनोवैज्ञानिक ढंग से बात की। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसने अपने परिजनों और पुलिस को गुमराह करने के लिए गैंगरेप की कहानी गढ़ी थी। उसने बताया कि उसके अपने ही गांव के एक नाबालिग लड़के से अफेयर था।
प्रेमी के कहने पर गढ़ी कहानी-
जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग प्रेमी ने ही उसे यह झूठी कहानी बताने के लिए राजी किया था ताकि मामला किसी और दिशा में चला जाए और सच्चाई छिपी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कार्रवाई में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।