प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में भविष्य निर्माण की पाठशाला: 64 विद्यार्थी हुए लाभान्वित
जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत कॅरियर काउंसलिंग सत्र संपन्न हुआ। इस विशेष सत्र का आयोजन हिंदी स्नातकोत्तर विभाग के छात्र-छात्राओं को भविष्य की राह दिखाने के उद्देश्य से किया गया।संभागीय समन्वयक प्रो. अरुण शुक्ल ने मुख्य वक्ता के रूप में वर्तमान समय में उपलब्ध विभिन्न व्यावसायिक संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सही कॅरियर का चुनाव हमेशा अपनी व्यक्तिगत रुचि और क्षमताओं के आधार पर ही करना चाहिए। प्रो. शुक्ल ने उच्च शिक्षा, शोध के क्षेत्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को समझाया। साथ ही डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए नई तकनीकों के प्रयोग और निरंतर स्किल डेवलपमेंट को अनिवार्य बताया ताकि छात्र स्वयं को आधुनिक बाजार के अनुरूप तैयार कर सकें।
परीक्षा की तैयारी एवं मनोवैज्ञानिक प्रबंधन
डॉ. तृप्ति उकास ने विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता प्राप्त करने के लिए सही योजना और समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। व्यवस्थित नोट्स तैयार करने और नियमित पुनरावृत्ति करने से विषय पर पकड़ मजबूत होती है। अनुशासन और आत्मविश्वास को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए उन्होंने छात्रों को सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी। निरंतर अध्ययन से न केवल परीक्षा का तनाव कम होता है बल्कि सफलता की संभावना भी सुनिश्चित होती है। इस मार्गदर्शन सत्र में शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती लल्लाबाई लोधी, डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, डॉ. तरुणेन्द्र साकेत, श्री हरीश झारिया, सुषमा मौर्य और रंजना ब्रम्हवंशी उपस्थित रहे। सत्र में स्नातकोत्तर कक्षा के लगभग 64 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर कॅरियर निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं को समझा। यह आयोजन महाविद्यालयीन छात्रों के बौद्धिक और व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

