जबलपुर. स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त अभियान चलाया है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश पर और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा के नेतृत्व में संभागीय परिवहन सुरक्षा उडऩदस्ता टीम ने शुक्रवार 24 अप्रैल को स्कूल वाहनों की सघन जांच की। यह कार्रवाई दमोह नाका क्षेत्र स्थित सेंट वेंडर किड्स जोन स्कूल, वर्धमान और आदित्य कॉन्वेंट स्कूल सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में की गई।
जांच अभियान के दौरान कई स्कूल बसों में गंभीर खामियां पाई गईं। इनमें फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र), फर्स्ट एड बॉक्स और पैनिक बटन जैसी अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव था। कुछ वाहनों पर स्कूल का नाम और संपर्क नंबर भी नहीं लिखा था, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है।
गाइडलाइन पालन करने के निर्देश
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) विभाग ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कमियां दूर होने तक ऐसे वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए। आदेश की अवहेलना करने पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। चालकों और परिचालकों को हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर जबलपुर के 23 फरवरी के आदेश के अनुसार, एलपीजी संचालित वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कुछ वाहनों द्वारा नियमों की अनदेखी सामने आई है।
अभिभावकों से अपील- अधिकृत वाहन से ही भेजें
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल मानक अनुरूप सुरक्षित और अधिकृत वाहनों से ही स्कूल भेजें। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे सघन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। इस विशेष अभियान में प्रभारी राजेंद्र साहू, उप निरीक्षक अक्षय पटेल, परिवहन आरक्षक इम्तियाज हुसैन, पीयूष मरावी, आशुतोष मोघे, उमाशंकर उपाध्याय, अशोक खार्पडे और निमिषा तिवारी सहित समस्त स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।
