जबलपुर। टीईटी परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इस कदम से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह को इस कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी। यह निर्णय शिक्षकों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।
मुख्यमंत्री से भेंट के बाद बनी भूमिका
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव वायु ने स्पष्ट किया है कि कुछ समय पहले संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान शिक्षकों की समस्याओं और टीईटी परीक्षा से जुड़े कानूनी पहलुओं को प्रमुखता से रखा गया था। शासन की इस पहल का कर्मचारी संघ ने स्वागत किया है। संघ के अनुसार राज्य सरकार अपने आश्वासनों पर अमल करते हुए कर्मचारियों के हित में निर्णय ले रही है। शासन और कर्मचारियों के बीच इस सामंजस्य को प्रदेश के विकास में एक सहयोगी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने निर्णय का स्वागत किया
शिक्षक हित में उठाए गए इस कदम की कर्मचारी संघ के विभिन्न पदाधिकारियों ने सराहना की है। जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय और जिला सचिव देवेंद्र पचौरी ने इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया है। इस निर्णय की प्रशंसा करने वालों में नरेश शुक्ला, प्रशांत सौंधिया, एस पी बाथरे, बृजेश मिश्रा, योगेंद्र मिश्रा, राम शंकर शुक्ला, सुनील पचौरी, पंकज दुबे, अजीत वर्मा, योगेश देशमुख और अरुण पटेल शामिल हैं। इन सभी पदाधिकारियों का मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर होने से लंबित मामलों का समाधान होगा और शिक्षकों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा। शासन के इस रुख से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
