khabar abhi tak

कान्हा में तीन शावकों के बाद अब बाघिन की मौत, पहले भूख, अब फेफड़ों में संक्रमण की आशंका

 

मंडला। एमपी के कान्हा नेशनल पार्क में तीन शावकों के बाद आज उनकी मां बाघिन टी-141 की भी मौत हो गई। शावकों की शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पेट खाली मिलने के बाद भूख से मौत की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में वन विभाग ने फेफड़ों के संक्रमण को वजह बताया।

                                बताया गया है कि तीनों शावकों की मौत को लेकर पहले यह बात सामने आई की पेट खाली मिले थे, जिससे भूख से मौत का संदेह व्यक्त किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि शावकों को फेफड़ों का संक्रमण था, जिसके कारण वे खाना नहीं खा पा रहे थे।  रेस्क्यू के बाद जब बाघिन और शावक को इलाज दिया गया, तो करीब 24 घंटे बाद उन्होंने खाना शुरू किया, जिससे बीमारी की पुष्टि होती है। इन घटनाओं को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यदि बीमारी थी तो समय रहते पहचान क्यों नहीं हो पाई, जबकि 17 अप्रेल को ही कमजोर शावक का वीडियो सामने आया था। कान्हा टाइगर रिजर्व देश के सबसे बेहतर प्रबंधित रिजर्व में गिना जाता है। यहां प्रोजेक्ट टाइगर के तहत हर साल करीब 40 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। इतनी व्यापक व्यवस्था के बावजूद 9 दिन में तीन शावकों और बाघिन की मौत होना, निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर तब, जब पहले से शावक की कमजोरी के संकेत मिल चुके थे।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak