जरूरी है मामले की निष्पक्ष जांच
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विवेक तिवारी ने भी कलेक्टर के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आशंका जताई है कि इन मामलों में संबंधित पक्षों पर दबाव या प्रलोभन की संभावना हो सकती है, इसलिए निष्पक्ष जांच बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि विशेष विवाह अधिनियम 1954 और मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 के प्रावधानों के तहत विवाह से पूर्व आवश्यक सूचना और सत्यापन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बिना धर्म परिवर्तन कराए इस तरह के विवाह नहीं किए जा सकते। जिन हिंदू लड़कियों की शादी मुस्लिम लड़कों से होने वाली है, पहले उनका धर्म परिवर्तन कराया जाना और फिर निकाह होना बताया जा रहा है।
पुलिस व प्रशासन भी मामले को लेकर अलर्ट
आज होने वाले एक विवाह को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर में मोर्चा संभाल लिया है क्योंकि सूची में शामिल एक जोड़ा आज कलेक्ट्रेट पहुंचने वाला था। डिप्टी कलेक्टर रघवीर सिंह मरावी ने बताया कि हिंदू संगठनों और वकीलों द्वारा कुल 9 विवाहों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इन सभी मामलों की गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोनों पक्षों से बातचीत भी की जाएगी।
आपत्ति वाली सूची में शामिल नाम इस प्रकार हैं।
मोहम्मद शफीक अंसारी और नेहा रैकवार
समीर खान और प्रियंका चौधरी
फिरोज खान और शिवानी चौधरी
इब्राहिम दाऊद और अंजना दुबे
तौसीक अंसारी और मोहिनी चौधरी
मोहम्मद अजहर खान और इशा नामदेव
साहुल इब्राहिम और विधि महावर
शेख इरफान और निधि सांधिया
इनमोनी फिलिस और महक भारद्वाज
