khabar abhi tak

हाईकोर्ट:न्यायिक प्रशासनिक सर्जरी: प्रदेश भर में बदले गए सिविल जज और सीजेएम

जबलपुरमध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। रविवार की देर रात जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के माध्यम से प्रदेश भर में कार्यरत सैकड़ों न्यायिक अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। उच्च न्यायालय द्वारा कुल पांच अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत ढाई सौ से अधिक जजों की नई पदस्थापना की गई है। इस प्रशासनिक फेरबदल में सिविल जज सीनियर डिवीजन, सिविल जज जूनियर डिवीजन और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी शामिल हैं। उच्च न्यायालय प्रशासन ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 20 अप्रैल तक अपने वर्तमान पद से कार्यमुक्त होकर नए तैनाती स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण कर लें। इस बड़े बदलाव को प्रदेश की न्यायिक कार्यप्रणाली में गतिशीलता और पारदर्शिता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

​सीनियर डिवीजन स्तर पर बड़े तबादले

​प्रशासनिक आदेश क्रमांक 355/2026 के माध्यम से सिविल जज सीनियर डिवीजन स्तर के 58 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इस सूची में प्रमुख रूप से अतुल यादव, पुष्पराज सिंह उइके, अमित नागयाच, विजय कुमार पाठक और तथागत याजिक जैसे अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनके साथ ही जितेंद्र मेहर, नरेंद्र भंडारी, विक्रम सिंह डावर, रवींद्र शिल्पी और सूर्यपाल सिंह राठौर सहित कई अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को भी एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया है। अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में यह परिवर्तन प्रशासनिक आवश्यकताओं और न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

​जूनियर डिवीजन में प्रशासनिक फेरबदल

​न्यायिक सेवा में सबसे व्यापक परिवर्तन सिविल जज जूनियर डिवीजन के स्तर पर देखने को मिला है। आदेश क्रमांक 359/2026 के अंतर्गत 190 से अधिक न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जो प्रदेश के लगभग सभी जिलों को प्रभावित करते हैं। इस लंबी सूची में अमन सुलिया, अंशुल ताम्रकार, सौरभ गोस्वामी, विवेक सिंह राजन और दिव्या रामटेके जैसे अधिकारियों के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त प्राची सिंह पटेल, अंकिता जैन और ब्रजेश कुमार चंसोरिया सहित दर्जनों अन्य कनिष्ठ अधिकारियों को भी नवीन पदस्थापना दी गई है। इतनी बड़ी संख्या में हुए इन तबादलों से निचली अदालतों के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे भविष्य में न्याय वितरण की प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है।

​मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों की नई तैनाती

​उच्च न्यायालय ने केवल सिविल जजों के ही नहीं, बल्कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्थात सीजेएम स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कई जिलों में नए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं ताकि वहां की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य न्यायिक अकादमी में भी अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश जारी हुए हैं। इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रशासन के विभिन्न अंगों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना और संस्थागत कार्यक्षमता को बढ़ाना है। उच्च न्यायालय द्वारा अचानक और इतनी बड़ी संख्या में किए गए इन तबादलों से न्यायिक हलकों में काफी हलचल है, क्योंकि यह फेरबदल राज्य की पूरी कानूनी मशीनरी को पुनर्गठित करने की क्षमता रखता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak