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जबलपुर में बिजली पोलों से हटेंगे इंटरनेट केबलों के जाल,जिओ-एयरटेल को अल्टीमेटम



अधीक्षण अभियंता ने एयरटेल व जिओ सहित अन्य कंपनियों को दिया अल्टीमेटम,सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी पुलिस प्राथमिकी और दण्डात्मक कार्यवाही

जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जबलपुर शहर में बिजली के खम्भों पर फैली अव्यवस्थित टेलीफोन और इंटरनेट केबलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के अनुसार भारती एयरटेल व जिओ सहित अन्य संबंधित कंपनियों को इस संबंध में औपचारिक सूचना जारी कर दी गई है। विद्युत सुरक्षा मानकों और शहर के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर इन केबलों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो कंपनी स्तर पर इन्हें हटाने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

​सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नोटिस जारी

​विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेसर्स भारती एयरटेल लिमिटेड के इंदौर स्थित कार्यालय को भेजे गए पत्र में परिपत्र क्रमांक 1754 दिनांक 29.10.2021 की सेवा शर्तों के उल्लंघन का जिक्र किया गया है। कंपनी ने जबलपुर शहर वृत्त के अंतर्गत कुल 30812 विद्युत खम्भों के नवीनीकरण की अनुमति इस शर्त पर दी थी कि सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। हालांकि, हाल ही में किए गए मैदानी निरीक्षणों में पाया गया कि एयरटेल द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। इसमें केबल की बिजली की तारों से सुरक्षित दूरी सुनिश्चित न करना और कॉमन क्लैंप का उपयोग न करना जैसे गंभीर विषय शामिल हैं।

​जनहानि और आगजनी का बढ़ा खतरा

​विभागीय अधिकारियों ने आगाह किया है कि वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु का समय है, जिसमें तेज हवाओं और आंधी-तूफान के कारण बिजली के तार आपस में टकराने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इंटरनेट केबलें ज्वलनशील पदार्थ से बनी होती हैं, जिससे पोलों पर आग लगने की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त, खम्भों पर केबलों के भारी गुच्छे लटके होने के कारण लाइन कर्मचारियों को सुधार कार्य करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यह अव्यवस्था न केवल विभागीय अमले के लिए बल्कि आम जनता के जान-माल के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रही है।

​जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और प्रशासनिक हस्तक्षेप

​विद्युत पोलों पर फैली इस बेतरतीब जाल को लेकर जिला प्रशासन की बैठकों में स्थानीय विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि इन केबलों से दुर्घटनाओं का भय तो है ही, साथ ही जबलपुर शहर की सुंदरता पर भी इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी क्रम में 20.4.2026 को एयरटेल के प्रतिनिधि शिवम नायक के साथ विभाग की विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें उन्हें स्थिति सुधारने के लिए अंतिम चेतावनी दी गई है।

​कार्ययोजना के लिए तीन दिन की मोहलत

​अधीक्षण अभियंता ने कंपनी को निर्देशित किया है कि वे आगामी 3 दिवस के भीतर अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करें और अगले 7 दिनों के अंदर पूरे शहर में अपनी केबलों को निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप व्यवस्थित करें। विभाग ने अनिवार्य किया है कि प्रत्येक पोल पर केबल के साथ संबंधित संस्था का टैग लगा होना चाहिए, ताकि अवैध केबलों की पहचान की जा सके। यदि कोई संस्था अनाधिकृत रूप से केबल का उपयोग करती पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रावधान भी किया गया है।

​अनुपालन न होने पर केबल हटाने की कार्यवाही

​यदि निर्धारित 7 दिनों की अवधि में इंटरनेट केबलों को व्यवस्थित नहीं किया जाता है, तो परिपत्र की कंडिका 4(xvi) के तहत विद्युत कंपनी बिना किसी पूर्व सूचना के इन केबलों को पोलों से हटाने की कार्यवाही शुरू कर देगी। इसके लिए समस्त उत्तरदायित्व संबंधित निजी कंपनी का होगा। इस कार्यवाही की सूचना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त और संभागीय विद्युत निरीक्षक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। नगर संभाग के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और विजयनगर के कार्यपालन अभियंताओं को भी अपने क्षेत्रों में मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। 

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