कोटा/जबलपुर. पश्चिम-मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने गुरुवार 23 अप्रैल को कोटा-रुठियाई रेल खंड के सालपुरा स्टेशन पर आरक्षण एवं बुकिंग कार्यालय में अचानक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बुकिंग बाबू गुलाम मुस्तफा निरीक्षकों के साथ बदसलूकी करते हुए और उन्हें धक्का देकर दफ्तर से भाग निकला।
मुस्तफा के भागने के बाद जब विजिलेंस टीम ने गल्ले और टिकट रिकॉर्ड की जांच की, तो चौंकाने वाली खामियां सामने आईं. उसके पास में बुक किए गए टिकटों के मुकाबले 2500 रुपए कम पाए गए। मौके पर तत्काल श्रेणी के दो टिकट भी मिले हैं, जिन्हें लेकर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। बाबू के भागने के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दूसरे कर्मचारी को बुकिंग काउंटर पर तैनात किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने गुलाम मुस्तफा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ड्यूटी के दौरान विजिलेंस टीम से धक्का-मुक्की और भागने को रेलवे ने गंभीर अपराध माना है।
पुराना है दागी रिकॉर्ड
हैरानी की बात यह है कि आरोपी मुस्तफा पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में फंस चुका है. उसे पिछले साल जनवरी 2025 में लाखेरी स्टेशन पर तैनाती के दौरान भी विजिलेंस ने उसे पकड़ा था। उस समय सजा के तौर पर उसे फील्ड पोस्टिंग से हटाकर मोतीपुरा माल गोदाम में भेज दिया गया था। वहीं सालपुरा के नियमित बाबू के छुट्टी पर जाने के कारण मुस्तफा को बुधवार को ही यहां भेजा गया था। यानी ड्यूटी के दूसरे ही दिन उसने फिर से पुरानी हरकत दोहरा दी। इस घटना ने रेलवे के टिकट काउंटरों पर होने वाली अनियमितताओं और दागी कर्मचारियों की दोबारा महत्वपूर्ण पदों पर पोस्टिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
