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संविदा नियुक्तियों को लेकर अभियंता संघ ने जताई आपत्ति, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

 


जबलपुर । मध्यप्रदेश विद्युत मंडल अभियंता संघ (एमपीवीएमएएस) ने ऊर्जा विभाग की कंपनियों में प्रस्तावित संविदा नियुक्तियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने इस संबंध में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए मध्य प्रदेश संविदा नियुक्ति (सिविल पद) नियम, 2017 के तहत की जा रही नियुक्तियों की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संघ के महासचिव विकास कुमार शुक्ला ने बताया कि अभियंता संघ प्रदेश के ऊर्जा विभाग की सभी उत्तराधिकारी कंपनियों में कार्यरत सहायक अभियंता से लेकर कार्यपालन निदेशक स्तर तक के अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संघ समय-समय पर प्रशासन को अधिकारियों की समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराते हुए विद्युत तंत्र को सुदृढ़ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

नियमित अधिकारियों में बढ़ रहा असंतोष

ज्ञापन में कहा गया है कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि निर्णय स्पष्ट नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत लिए जाएं। किंतु वर्तमान में सेवानिवृत्त अधिकारियों को चयनित कर महत्वपूर्ण पदों पर संविदा के माध्यम से नियुक्त करने की प्रक्रिया से नियमित अधिकारियों में असंतोष एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। संघ ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा विभाग द्वारा नियमों में शिथिलता लाकर तथा निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए संविदा नियुक्तियों का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। इससे न केवल योग्य एवं अनुभवी नियमित अधिकारियों की पदोन्नति के अवसर प्रभावित होंगे, बल्कि संगठनात्मक मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। अभियंता संघ ने यह भी उल्लेख किया कि विभाग में पहले से ही पदोन्नति में अत्यधिक विलंब की स्थिति है, जहां कई अधिकारी 10 वर्षों से अधिक समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में संविदा नियुक्तियां उनके अधिकारों का प्रत्यक्ष हनन हैं। संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि संगठन में कार्यरत अधिकारियों का मनोबल बना रहे और प्रशासनिक कार्यकुशलता प्रभावित न हो।

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