नरसिंहपुर. बागमती एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे 22 वर्षीय रामलाल (निवासी बरौनी, बिहार) ट्रेन के गेट पर बैठने के कारण बुधवार 29 अप्रैल को घायल हो गए। उनके पैर के अंगूठे में गंभीर चोट लगी और रक्तस्राव होने लगा।
नरसिंहपुर स्टेशन पर डिप्टी एसएस कमर्शियल की सूचना पर रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे ने तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया। रामलाल बेंगलुरु जा रहे थे, जब यह घटना हुई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह चलती ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहे थे, तभी उनके अंगूठे में चोट लग गई।
नरसिंहपुर स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही डॉ. कुर्रे ने घायल यात्री की ड्रेसिंग की और आवश्यक दवाइयां दीं, जिससे उनकी स्थिति नियंत्रित हो सकी। उपचार के बाद डॉक्टर ने यात्रियों को चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि चलती ट्रेन के गेट पर न बैठें और न ही चढऩे-उतरने का प्रयास करें। यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है और गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। गर्मी के मौसम को देखते हुए, डॉ. कुर्रे ने लू और सन स्ट्रोक से बचाव के लिए अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, शिकंजी, जीरा पानी और नारियल पानी का सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने भारी एवं तले-भुने भोजन जैसे समोसा, आलूबड़ा आदि से बचने और अवैध वेंडरों से खाद्य सामग्री न खरीदने की भी सलाह दी, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग या जहरखुरानी जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क रहने और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया है, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। लिया गया है। सरकार ने कहा कि यह फैसला प्रशासनिक तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
