जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूलने और विद्युत विच्छेदन की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक वाणिज्य द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य बकाया वसूली को सुदृढ़ करना और उपभोक्ता सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है। नए नियमों के तहत अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली कनेक्शन काटने और जोड़ने की पूरी प्रक्रिया को नई समय सीमा और तकनीकी मापदंडों के दायरे में लाया गया है।
विच्छेदन के लिए निर्धारित समय और शर्तें
स्मार्ट मीटर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति बंद करने के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। बिजली विच्छेदन की कार्यवाही केवल प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे के बीच ही की जा सकेगी। निर्धारित समय के अलावा किसी भी स्थिति में कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। साथ ही रविवार और अन्य शासकीय अवकाश के दिनों में बिजली विच्छेदन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। बकाया राशि के संबंध में नियम स्पष्ट किए गए हैं कि जिन उपभोक्ताओं पर 2 माह से अधिक समय की राशि लंबित है और यह राशि 2000 रुपये से ज्यादा है, उन्हीं के कनेक्शन काटने के लिए चिह्नित किए जाएंगे।
आवश्यक सेवाओं के लिए रियायत
अस्पताल, जल आपूर्ति और अग्निशमन जैसी अनिवार्य आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को एनजीबी बिलिंग प्रणाली में अनिवार्य रूप से टैग किया जाएगा। इस प्रक्रिया की निगरानी व्यक्तिगत रूप से अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री द्वारा की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली काटने और पुनः जोड़ने की समस्त कार्यवाही रिमोट माध्यम से स्मार्ट मीटर प्रणाली द्वारा ही संपन्न होगी। इसमें किसी भी प्रकार का मैनुअल हस्तक्षेप वर्जित रहेगा। इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा स्वयं कंपनी के प्रबंध निदेशक द्वारा साप्ताहिक बैठकों में की जाएगी, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
