अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट 5 ने बनाया कीर्तिमान
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यहाँ की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर 5 ने लगातार 550 दिनों तक बिना रुके बिजली पैदा करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह इकाई 1 अक्टूबर 2024 से निरंतर संचालित हो रही है। इस शानदार उपलब्धि के साथ ही यह यूनिट देश के सार्वजनिक क्षेत्र में तीसरे और स्टेट सेक्टर में पहले स्थान पर आ गई है, जिसने इतनी लंबी अवधि तक सतत विद्युत उत्पादन किया है।
तकनीकी दक्षता और संचालन के उच्च मानक
यूनिट नंबर 5 ने इस ऐतिहासिक सफर के दौरान परिचालन के सभी तकनीकी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में यूनिट ने 98.74% प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर दर्ज किया। साथ ही प्लांट लोड फैक्टर 95.48% रहा और ऑक्जलरी कंजम्प्शन को 9.28% के स्तर पर रखने में सफलता मिली। ये आंकड़े संयंत्र की उच्च कार्यक्षमता और तकनीकी विश्वसनीयता को प्रमाणित करते हैं। विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में इन मानकों को बनाए रखना इंजीनियरिंग और प्रबंधन के तालमेल को दर्शाता है।
बेहतर रखरखाव और कुशल प्रबंधन का परिणाम
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई और मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस सफलता की सराहना की है। उनके अनुसार यह उपलब्धि बेहतर योजना, निवारक रखरखाव की मजबूत प्रक्रियाओं और बारीकी से की गई परिचालन निगरानी का सुखद परिणाम है। संयंत्र की पूरी टीम के समर्पण ने बिना किसी बड़ी रुकावट के इस निर्बाध परिचालन को संभव बनाया है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह के तकनीकी कौशल ने राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को नया आयाम दिया है।
उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली आपूर्ति का संकल्प
यह रिकॉर्ड न केवल संस्थान के लिए गौरव की बात है बल्कि राज्य के उपभोक्ताओं को सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। इस प्रदर्शन से प्रदेश की ऊर्जा स्थिति मजबूत हुई है। अमरकंटक चचाई की इस सफलता ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अन्य उत्पादन केंद्रों के लिए एक नया आदर्श प्रस्तुत किया है। वर्तमान में यह इकाई प्रदेश के औद्योगिक और घरेलू क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
