भोपाल. इटारसी के केसला में आजीविका मिशन के तीन कर्मचारी एक साथ रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाए हैं। शुक्रवार, 10 अप्रैल को लोकायुक्त पुलिस ने इन कर्मचारियों को 20 हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया है।
शिकायत के बाद रची गई योजना पुलिस के अनुसार, ग्राम पाण्डुखेड़ी निवासी सुनैया बरकड़े ने शिकायत की थी। वह मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पशु सखी के रूप में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें फरवरी 2026 में 29,700 रुपए का मानदेय मिला था।
मानदेय के बदले मांगी गई रिश्वत आरोप है कि जनपद पंचायत केसला में पदस्थ सहायक विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता ने कहा कि उनका काम पूरा नहीं हुआ था, फिर भी ज्यादा पैसे मिल गए। इसके बदले उन्होंने 25 हजार रुपये की मांग की। बाद में 20 हजार रुपये में बात तय हुई।
कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजना बनाकर ट्रैप किया। शुक्रवार को जनपद पंचायत केसला कार्यालय में धर्मेंद्र गुप्ता को सुरभि क्लस्टर फेडरेशन मैनेजर कामिनी राजपूत और भृत्य कृष्णा धुर्वे के जरिए 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज लोकायुक्त ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 और 12 के तहत केस दर्ज किया है।
टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक अजय मिश्रा, निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम मर्सकोले और प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी सहित अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
