जबलपुर। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लाखों यात्रियों, खासकर मजदूरों, छात्रों और तीर्थयात्रियों के लिए राहत की खबर है। अमृत भारत एक्सप्रेस की दो नई ट्रेनें बनारस-पुणे (हड़पसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) का संचालन शुरू होने जा रहा है। ये दोनों ट्रेनें पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर व भोपाल रेल मंडल से होकर चलेंगी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार 28 अप्रैल को बनारस से दोनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखा रहे हैं दोनों ट्रेनें पूरी तरह नॉन एसी हैं, लेकिन सुविधाएं आधुनिक हैं। इन्हें निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
यात्रा में इतना वक्त लगेगा
बनारस-पुणे ट्रेन प्रतिदिन चलेगी और करीब 29 घंटे 50 मिनट में गंतव्य तक पहुंचाएगी। इसी तरह अयोध्या-मुंबई ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी, जो अधिकतम 28 घंटे में पहुंचाएगी। इनके संचालन से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को महाराष्ट्र से जोड़ते हुए आस्था, रोजगार और शिक्षा का नया अवसर खुलेगा और आम आदमी को कम खर्च में बेहतर और सम्मानजनक सफर का अनुभव मिलेगा।
ट्रेनों में मिलेंगी ये सुविधाएं
ट्रेनों में जनरल और स्लीपर कोच के साथ दिव्यांगजन के लिए अनुकूल व्यवस्था, बेहतर सीट और बर्थ डिजाइन, मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, उन्नत शौचालय, बेहतर रोशनी और मजबूत कोच संरचना इन्हें विशेष बनाती हैं। सुरक्षा के लिहाज से भी आधुनिक हैं। इनमें सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी टाक बैक प्रणाली, आग से सुरक्षा की उन्नत व्यवस्था और पूरी तरह बंद गैंगवे जैसी सुविधाएं दी गई हैं। दोनों ओर इंजन वाली पुश-पुल तकनीक के कारण यात्रा अधिक सुगम, तेज और झटकों से मुक्त होगी, जिससे यात्रियों को अधिक आराम मिलेगा। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के संदर्भ में इनका महत्व और बढ़ जाता है।
अयोध्या से मुंबई जाना आसान
दूसरी ट्रेन अयोध्या से मुंबई जाएगी। यह धार्मिक नगरी अयोध्या को सीधे मुंबई से जोड़ेगी। यह सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सतना और जबलपुर जैसे शहरों को जोड़ते हुए लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। उन्हें बार-बार ट्रेन बदलने या महंगे साधनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। जाहिर है, अमृत भारत ट्रेनें परिवहन सुविधा के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही हैं। सस्ती, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा के जरिए तीन राज्यों के यात्री देश के बड़े आर्थिक केंद्रों से जुड़ेंगे, जिससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
