जबलपुर। वैश्विक तनाव के कारण आज शुक्रवार को तेल विपणन कंपनियों ने देश भर में पेट्रोल की कीमतों में आंशिक बदलाव किए हैं। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जबलपुर में भी देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल के भाव चढ़ गए हैं। पिछले कई दिनों से कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के बाद आज सुबह से नई दरों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। अभी ये बढ़त प्रीमियम पेट्रोल में दर्ज हुई है,लेकिन जल्दी ही सामान्य पेट्रोल में भी असर दिखाई देगा।
प्रीमियम श्रेणी में आया उछाल
आज सुबह 6 बजे से जबलपुर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू कर दी गई हैं। शहर में पेट्रोल की कीमत अब 106.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान इसमें 0.07 पैसे की वृद्धि हुई है। वहीं पावर और स्पीड जैसे प्रीमियम पेट्रोल के दामों में 2.35 रुपये तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। जबलपुर में डीजल की कीमत 91.95 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है लेकिन पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त भार डाल दिया है।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का गणित
कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत ग्लोबल मार्केट में 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने तेल आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी कारण से खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की लागत में इजाफा हुआ है। तेल कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के नीचे नहीं आतीं तब तक घरेलू स्तर पर राहत मिलना मुश्किल है। भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है जिससे कच्चे तेल का आयात और अधिक महंगा हो गया है जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
महंगाई की आशंका,आम आदमी की चिंता बढ़ी
पेट्रोल की कीमतों में हो रही इस निरंतर वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ने की संभावना है। स्थानीय मालवाहकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी गति से बढ़ती रहीं तो वे माल धुलाई की दरों में वृद्धि कर सकते हैं। इससे आने वाले समय में फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। जबलपुर के आर्थिक जानकारों का कहना है कि राज्य में लगने वाला वैट अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है जिससे स्थानीय स्तर पर कीमतें हमेशा ऊंचे पायदान पर रहती हैं। फिलहाल आम जनता को आने वाले कुछ हफ्तों तक कीमतों में किसी बड़ी कटौती की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
