जबलपुर। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार आरक्षक संवर्ग भर्ती प्रक्रिया को लेकर शासन ने कानूनी सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा 12-2-26 को जारी पत्र के अनुपालन में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल ने आरक्षक संवर्ग भर्ती वर्ष 2025 के प्रथम चरण की लिखित परीक्षा का परिणाम 25-1-26 को आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों और अनुसचिवीय संवर्ग भर्ती 2025 के अंतिम परिणाम भी इसी वर्ष जारी होने की प्रबल संभावना है। विभाग का प्रयास है कि इस महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का कानूनी व्यवधान उत्पन्न न हो और शासन का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।
एकपक्षीय आदेश पर रोक लगाने प्रक्रिया
भर्ती परीक्षा के परिणामों और चयन प्रक्रिया के विरुद्ध किसी भी संभावित याचिका या कानूनी चुनौती को देखते हुए शासन ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में केवियट दायर करने का निर्णय लिया है। इस विधिक प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कोई अभ्यर्थी या संबंधित पक्ष इस भर्ती के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेता है, तो माननीय न्यायालय शासन का पक्ष सुने बिना कोई भी एकपक्षीय स्थगन या आदेश जारी न करे। केवियट के माध्यम से न्यायालय को यह सूचित किया गया है कि किसी भी वाद की स्थिति में प्रतिवादी पक्ष को अनिवार्य रूप से सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाए।
उप पुलिस अधीक्षक को सौंपी जिम्मेदारी
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर ने विशेष आदेश जारी कर विभागीय पैरवी के लिए उत्तरदायी अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में केवियट दायर करने और कानूनी कार्यवाही की निगरानी के लिए उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा जबलपुर को प्रकरण का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों और तथ्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि न्यायिक प्रक्रिया में शासन की स्थिति स्पष्ट रहे।
