जबलपुर। हनुमानताल में नागपुर में रहने वाली बहन अपने भ्राताशोक पर मायके तो आई लेकिन चोरों ने घर में सन्नाटा होने का ऐसा फायदा उठाया कि घर में रखे नकद और जेवरात ले उड़े। शोकाकुल बहन ने इस मामले की रिपोर्ट पुलिस से की।
हनुमानताल पुलिस ने बताया कि सोमवार रात नागपुर में रहने वाली गीताजंली सतनामी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि ठक्कर ग्राम स्थित रविदास मंदिर के पास में उसका मायका है। 7 जनवरी को उसके भाई पवन सतनामी की मृत्यु होने से अपनके मायके आई थी। 8 मार्च की रात लगभग 8 बजे वह अपनी मां सुषमा सतनामी, भाई कुंदन सतनामी, बड़ी मां लक्ष्मी सतनामी के साथ रंाझी अपनी नानी के यहां गयी थी। उसकी मां एवं भाई कुंदन रात में रूक गये थे। वह अपनी बड़ी मां लक्ष्मी सतनामी एवं चचेरे भाई भास्कर के साथ अपने मायके वाले घर आ गयी थी, फिर बड़ी मम्मी के घर चली गई थी। सुबह लगभग 8 बजे मम्मी वाले घर में आकर देखी मकान में लगा ताला टूटा था। बाउण्ड्री के गेट ताला खोलकर अंदर जाकर देखी दोनों आलमारियों के ताले टूटे हुये थें। सामान बिखरा हुआ था। उसने घटना की सूचना मां एवं भाई को दी, जिन्होंने आकर देखे सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी एक लाख रूपये नहीं थे। कोई अज्ञात चोर ताला तोड़कर घर में घुसकर चोरी कर ले गया था।
