जबलपुर। कुंडम थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरझौर गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गांव में स्थित खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइनों में अचानक हुई भीषण स्पार्किंग से निकली चिंगारियों ने सूखी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि करीब 2 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, परंतु हवा की तेज गति और आग की ऊंची लपटों के सामने उनके सारे प्रयास विफल साबित हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से बिजली विभाग जिम्मेदार है। किसानों के अनुसार, खेत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार लंबे समय से जर्जर अवस्था में थे, जिसकी शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक रूप से की गई थी। इसके बावजूद विभाग ने तारों को दुरुस्त करने या बदलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बिजली कार्यालय में जमकर हंगामा
फसल जलने से आक्रोशित बड़ी संख्या में किसान स्थानीय बिजली कार्यालय पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारियों पर काम में कोताही बरतने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत विभाग की अनदेखी के कारण मिट्टी में मिल गई है। इस अग्निकांड से पीड़ित परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस मामले में नुकसान का आकलन कर रहे हैं, जबकि किसान जल्द से जल्द मुआवजे और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
