वायुसेवा संघर्ष समिति के साथ हुई बैठक में पुणे और अन्य महानगरों के लिए उड़ानें शुरू करने पर बनी रणनीति
जबलपुर। जबलपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने ठोस रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। हाल ही में वायुसेवा संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर से देश के महानगरों के लिए विमानन संपर्क बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में जबलपुर से पुणे, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती थीं, जो वर्तमान में बंद हो चुकी हैं। इन सेवाओं के बंद होने से न केवल जबलपुर बल्कि पूरे महाकौशल और पूर्वी मध्य प्रदेश के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने विश्वास दिलाया कि बंद हो चुके इन मार्गों को पुनर्जीवित करने के लिए हर संभव सार्थक कदम उठाए जाएंगे।
सांसद ने दो निजी विमानन कंपनियों से बात की
बैठक के दौरान समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने सांसद को शहर की विमानन समस्याओं से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसके बाद सांसद तन्खा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो निजी एयरलाइन कंपनियों के उच्च प्रबंधन से फोन पर चर्चा की। इस बातचीत में उन्होंने जबलपुर-पुणे मार्ग सहित अन्य बंद पड़े रूटों पर जल्द से जल्द सेवाएं बहाल करने का प्रस्ताव रखा। सांसद ने विमानन कंपनियों को जबलपुर की भौगोलिक और आर्थिक महत्ता से अवगत कराया ताकि वे यहां निवेश के लिए प्रेरित हो सकें। आगामी दिनों में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद के नेतृत्व में इन कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन से दिल्ली में मुलाकात कर जमीनी हकीकत और यात्रियों के डेटा साझा करेगा।
इंडिगो की हैदराबाद उड़ान के समय में बदलाव की मांग
विमानन सुविधाओं में सुधार की कड़ी में इंडिगो एयरलाइंस की हैदराबाद फ्लाइट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बैठक में उपस्थित डॉ राजेश धीरावाणी, गीता शरत तिवारी, बलदीप मैनी, अंजना तिवारी और हिमांशु राय ने बताया कि वर्तमान समय सारणी यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। यात्रियों की कठिनाइयों को देखते हुए इस फ्लाइट के समय में बदलाव के लिए एयरलाइन प्रबंधन से बात की जाएगी। साथ ही सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा सराफ, मनु शरत तिवारी और डॉ सुनील बहल ने मांग की कि भविष्य में मौजूदा सेवाओं में कटौती न हो और पुराने रूटों को फिर से जोड़ा जाए। समिति ने याद दिलाया कि मार्च 2024 में भी इन मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसमें 6 जून को नो फ्लाइंग डे मनाया गया था।
विमानन मानचित्र पर जबलपुर की स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य
बैठक में उपस्थित अजय बख्तावर, बब्बू यादव, प्रकाश राठौड़, लोकेश चौबे, प्रियंका केशरवानी और दिव्या पाठक ने भी सांसद से प्रभावी पैरवी करने का आग्रह किया। समिति के सदस्यों का मानना है कि 2 वर्ष के निरंतर संघर्ष के बाद कुछ सफलताएं मिली हैं, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण शहरों से जबलपुर का संपर्क कटा हुआ है। इस संयुक्त प्रयास का मुख्य उद्देश्य जबलपुर को देश के प्रमुख विमानन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना है। समिति को पूरी उम्मीद है कि राजनैतिक इच्छाशक्ति और जनता के सहयोग से निकट भविष्य में जबलपुर से कई नई उड़ानें शुरू हो सकेंगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
