जबलपुर। रेलवे प्रशासन ने स्वच्छता को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जबलपुर रेल मंडल ने पिछले ग्यारह महीनों में गंदगी फैलाने वाले यात्रियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया है। इस दौरान मंडल ने बड़ी संख्या में लोगों पर जुर्माना लगाया है ताकि स्टेशनों और ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। विभाग की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के भीतर उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना और रेल परिसरों को पूरी तरह कचरा मुक्त बनाना है।
रेल मंडल ने ग्यारह माह में दर्ज किए हजारों मामले
अप्रैल 2025 से शुरू होकर फरवरी 2026 तक चले इस विशेष अभियान के तहत कुल सात हजार सात सौ बासठ मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं का प्रयोग करते हुए इन उल्लंघनकर्ताओं पर नकेल कसी है। इस पूरी अवधि के दौरान विभाग को जुर्माने के रूप में पंद्रह लाख तिरपन हजार सात सौ पैंतालीस रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि मंडल के प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता को लेकर विभाग किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के पक्ष में नहीं है। अभियान के तहत उड़नदस्तों ने अलग-अलग समय पर औचक निरीक्षण किया जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान आसानी से की जा सकी।
फरवरी में पकड़े गए सैकड़ों मामले।
हाल ही में बीते फरवरी महीने के आंकड़े बताते हैं कि रेलवे का निगरानी तंत्र काफी प्रभावी रहा है। केवल इसी एक महीने में चार सौ सतहत्तर यात्रियों को ट्रेन या स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाते हुए पकड़ा गया। इन यात्रियों पर तत्काल आर्थिक दंड लगाया गया जिससे विभाग के खाते में पिचानवे हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि जमा हुई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह दंड केवल राजस्व संग्रहण का माध्यम नहीं है बल्कि यात्रियों को यह संदेश देने का प्रयास है कि सार्वजनिक संपदा को स्वच्छ रखना उनकी भी नैतिक जिम्मेदारी है। मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर इसी तरह की निगरानी निरंतर जारी रखने की योजना बनाई गई है।
स्वच्छ भारत अभियान,जागरूकता पर जोर
जबलपुर रेल मंडल निरंतर रूप से विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली और अन्य संचार माध्यमों का उपयोग कर यात्रियों को कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालने की सलाह दी जा रही है। रेल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छ रेल और स्वच्छ भारत के संकल्प को पूरा करने में अपना बहुमूल्य योगदान दें। मंडल का मानना है कि यात्रियों के सक्रिय सहयोग और जनभागीदारी के बिना किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करना संभव नहीं है। आने वाले समय में भी इस तरह की सख्ती और जागरूकता अभियान साथ-साथ जारी रहेंगे ताकि यात्रा के दौरान लोगों को एक सुखद और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
