पुलिस के अनुसार जबलपुर के रहने वाले 5 शातिर चोरों ने अपना गिरोह बनाया, जो कटंगी के आगे सिंग्रामपुर के ग्रामीण क्षेत्र में दो पहिया वाहनों से पहुंचकर रैकी करते। इसके बाद रात को लोडिंग वाहन लेकर जाते और मवेशी चोरी कर आ जाते थे। 5 मार्च को सिंग्रामपुर के मोतीलाल यादव की दो भैंस चोरी हुई थीं। जिसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक लोडिंग वाहन में संदिग्ध लोग कैद हुए। इसके बाद पुलिस ने कटंगी से सिंग्रामपुर के रास्ते में चेकिंग लगा दी। देर रात आरोपी आटो में भैंस लोड करके जबलपुर के लिए रवाना हुए। जब वे सांवरा गांव के पास पहुंचे तो ग्रामीणों ने पीछा करते हुए पुलिस को खबर दी। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने पांच लोगों को पुलिस के हवाले किया है। उनके पास से छोटा हाथी वाहन और मवेशी बांधने वाली रस्सियां मिली हैं। चोरी गई भैंसों को बरामद करने के लिए 10 पुलिसकर्मियों की एक टीम भैंस मालिकों के साथ जबलपुर भेजी गई है। मवेशियों की बरामदगी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 10 से 15 भैंस चोरी हो चुकी हैं। ग्राम अलोनी के गोलू यादव की सात भैंस, विनोद यादव की तीन और धनेटा निवासी कैलाश झारिया के बाड़े से तीन भैंस चोरी हुई थीं। इन घटनाओं से मवेशी मालिकों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
जबलपुर/दमोह। एमपी के जबलपुर की सीमा से लगे सिंग्रामपुर जिला दमोह के ग्रामीण क्षेत्रों से मवेशी चोरी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबलपुर के रहने वाले सभी आरोपी लोडिंग आटो से गांव जाते और रात के अंधेरे में मवेशी चोरी कर जबलपुर लेकर आते थे।
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