जमतरा घाट में डूबे छात्रों की तलाश आज भी जारी,पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें जुटीं
जबलपुर। जमतरा स्थित नर्मदा नदी के तट पर एक हृदयविदारक हादसा हुआ है जिसमें दो छात्र पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। घटना के 2 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सोमवार सुबह से एक बार फिर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। लापता युवकों की पहचान अंबिकापुर निवासी 22 वर्षीय जॉनी इक्का और अनूपपुर निवासी 22 वर्षीय एडविन जार्ज विंज के रूप में हुई है। जॉनी जबलपुर के सेंट अलायसियस इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्ययनरत है और यहीं छात्रावास में रहता था। वहीं उसका मित्र एडविन इंदौर में रहकर पढ़ाई करता है और कुछ दिन पहले ही अपने दोस्त से मिलने जबलपुर आया था।
-बचाव कार्य में जुटी एसडीआरएफ और पुलिस की विशेष टीमें
शुक्रवार शाम करीब 3:45 बजे 5 दोस्तों का समूह घूमने के उद्देश्य से जमतरा घाट पहुंचा था। इस समूह में जॉनी और एडविन के साथ आकाश, नितिन और विल्सन भी शामिल थे। घाट पर पहुंचने के बाद आकाश और अनीष ने नदी में उतरने के बजाय किनारे पर ही बैठने का निर्णय लिया जबकि बाकी दोस्त नहाने के लिए पानी में उतर गए। जैसे ही हादसे की सूचना गौर पुलिस चौकी को मिली, तत्काल गोताखोरों और बचाव दल को सक्रिय किया गया। शुक्रवार की शाम अंधेरा होने तक तलाशी ली गई लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद शनिवार और रविवार को भी दिनभर नर्मदा की लहरों के बीच खोजबीन जारी रही। सोमवार को बचाव दल ने नई रणनीति के साथ नदी के निचले इलाकों में भी गश्त बढ़ा दी है ताकि लापता छात्रों का सुराग मिल सके।
...और हमेशा के लिए दूर हो गए
नदी में नहाने के दौरान जॉनी अचानक गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया और डूबने लगा। उसे संकट में देख नितिन और आकाश उसे बचाने के लिए आगे बढ़े लेकिन पानी की तेज धारा ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया। अपने साथियों को डूबता देख एडविन ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी। एडविन ने अदम्य साहस दिखाते हुए पहले नितिन और आकाश को सुरक्षित खींचकर किनारे तक पहुंचाया। दो दोस्तों की जान बचाने के तुरंत बाद उसने देखा कि जॉनी बहते हुए काफी आगे निकल गया है। वह दोबारा जॉनी को बचाने के लिए गहरे पानी की ओर बढ़ा लेकिन जलप्रवाह इतना तेज था कि वह स्वयं को संभाल नहीं पाया। देखते ही देखते एडविन और जॉनी दोनों ही जलधारा में विलीन हो गए। किनारे पर मौजूद अन्य साथियों ने शोर मचाकर मदद मांगी लेकिन तब तक दोनों छात्र आंखों से ओझल हो चुके थे।
