जबलपुर। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के प्रति सदैव सजग एवं प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में जबलपुर रेल मंडल द्वारा एक महिला यात्री की गंभीर स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान कर मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 09 मार्च को 139 रेल मदद के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि गाड़ी संख्या 07092 के कोच बी-7, सीट संख्या 37 पर यात्रा कर रही श्रीमती ललिता देवी अचानक अचेत अवस्था में हो गई हैं। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई।
गाड़ी के जबलपुर स्टेशन पर पहुंचने पर रेलवे चिकित्सक डॉ. संदीप द्वारा यात्री की तत्काल स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान उनका एसपीओ२ स्तर लगभग 40 पाया गया, जो अत्यंत गंभीर स्थिति को दर्शाता है। चिकित्सक द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई।रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उप स्टेशन प्रबंधक श्री बलवंत के माध्यम से एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और महिला यात्री को उनके पुत्र श्री अमलेश के साथ उपचार हेतु ओमेगा हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उनका उपचार प्रारंभ किया गया।
इसके पश्चात आज शुक्रवार 13 मार्च को मरीज के पुत्र श्री अमलेश द्वारा स्टेशन प्रबंधक कार्यालय से संपर्क कर अनुरोध किया गया कि वे अपनी माता जी को आगे के उपचार के लिए सिकंदराबाद ले जाना चाहते हैं, जिसके लिए यात्रा के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता होगी।
यात्री की आवश्यकता को देखते हुए स्टेशन प्रबंधक संजय जायसवाल एवं उप स्टेशन प्रबंधक श्री बलवंत द्वारा तत्काल ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कराई गई। इसके साथ ही मरीज को स्टेशन से बैटरी कार के माध्यम से सुरक्षित रूप से गाड़ी संख्या 03225 के कोच एम-3, सीट संख्या 73 एवं 76 तक पहुंचाया गया।
नर्सिंग स्टाफ की सहायता से यात्री के लिए ऑक्सीजन सेट कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की गई। इस मानवीय सहयोग एवं त्वरित व्यवस्था के लिए मरीज के पुत्र श्री अमलेश ने रेलवे प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे कर्मचारियों की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उनकी माता को समय पर सहायता मिल सकी। यह घटना दर्शाती है कि भारतीय रेलवे केवल परिवहन सेवा ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर परिस्थिति में सहायता के लिए तत्पर रहता है।
