बताया गया है कि उत्तरप्रदेश निवासी अमृत सिंह उम्र 61 वर्ष अपने बेटे अरुणसिंह 22 वर्ष के साथ पुश्तैनी गांव गए थे। जहां से कार से जबलपुर आए। यहां पर कुछ देर रुकने के बाद छिंदवाड़ा के परासिया स्थित दिघावानी में पत्नी, बेटे व भाई के पास जाने कार से रवाना हुए। देर रात तीन बजे के लगभग वे सिवनी रोड से छिंदवाड़ा की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान अरुण सिंह को झपकी आ गई और कार सड़क किनारे साइन बोर्ड से टकराते हुए गैरेज में सामने खड़ी बुलेरो जीप से टकरा गई। जीप से टकराते हुए कार के सीएनजी सिलेंडर में आग लग गई। पिता पुत्र कुछ समझ पाते इससे पहले सिलेंडर धमाके के साथ फट गया और कार में आग लग गई। जिसकी चपेट में आकर पिता व पुत्र जिंदा जल गए। हादसे में दोनों की कार के अंदर ही मौत हो गई। कार में आग देख आसपास के लोग पहुंच गए, जिन्होने कार में लगी आग देख पुलिस को खबर दी। पुलिस व फायर बिग्रेड की गाडिय़ों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई उस वक्त तक पिता व पुत्र कार के अंदर जली हुई हालत में मृत पड़े थे। पुलिस ने कार से दोनों शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे। जिन्होने पूछताछ में बताया कि अमृत सिंह छिंदवाड़ा के गुरईया में नया मकान बनावा रहे थे। कुछ समय बाद वे यहां शिफ्ट होने वाले थे।
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