सीसीटीवी में कैद हुई दरिंदगी, फिर भी पुलिस ने दर्ज किया "हल्का" केस,पीड़ित परिवार ने एसपी ऑफिस में लगाई गुहार
जबलपुर। शहर के अधारताल थाना अंतर्गत अमखेरा क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार के सदस्यों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में ढुलमुल रवैया अपनाए जाने के बाद, पीड़ित परिवार ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
होली की सफाई के दौरान हुआ जानलेवा हमला और लूट
घटना 28 फरवरी की रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता साधना रैकवार ने बताया कि वह अपने पति बिहारी रैकवार और परिवार के साथ होली पर्व के उपलक्ष्य में घर की सफाई कर रही थीं। इसी दौरान मोहल्ले के रसूखदार बदमाश सुरेंद्र यादव उर्फ डेलन, जितेंद्र यादव, सुशील यादव और राजू यादव अपने 5-6 साथियों के साथ अवैध हथियारों, लोहे की रॉड और डंडों से लैस होकर घर में घुस आए। बिना किसी कारण के आरोपियों ने परिवार पर हमला बोल दिया, जिसमें बिहारी रैकवार के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में टांके लगवाने पड़े। बीच-बचाव करने आए भांजे सौरभ रैकवार पर भी पत्थर से वार किया गया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने घर में रखे 5500 रुपये लूट लिए और जाते-जाते परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
सीसीटीवी में कैद हुई दरिंदगी,पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
पीड़ित महिला का आरोप है कि हमले के दौरान आरोपियों ने घर की महिलाओं और बेटियों के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनके कपड़े फाड़ने और अश्लील हरकतें करने का प्रयास भी किया। जान बचाने के लिए परिवार ने खुद को कमरे में बंद कर लिया, जिसके बाद आरोपी गेट पर रॉड और डंडे बरसाते रहे।हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, लेकिन इसके बावजूद अधारताल पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने बिना मेडिकल रिपोर्ट के साधारण धाराओं में मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी है। आरोपियों के राजनीतिक रसूख के कारण परिवार अब भी दहशत में है। एसपी कार्यालय में सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए पीड़ित परिवार ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी धाराएं लगाकर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
