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बिजली अफसर पर गम्भीर आरोप:जो काम कर रहे,उन्हीं को थमा रहे निलम्बन


बिजली कंपनी के जबलपुर सिटी के अधीक्षण अभियंता पर तानाशाही का आरोप, कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

जबलपुर। जबलपुर में विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर कर्मचारी वर्ग में गहरा रोष व्याप्त है। लाइन कर्मियों का आरोप है कि उन्हें उनके मूल कार्यों से हटाकर अन्य कार्यों में झोंका जा रहा है और लक्ष्य पूरे होने के बाद भी उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। ​विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत लाइन कर्मियों का प्राथमिक उत्तरदायित्व विद्युत तंत्र का रखरखाव और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण करना है। इसके विपरीत अधिकारियों द्वारा उन्हें तकनीकी कार्यों के स्थान पर राजस्व वसूली के काम में लगाया जा रहा है। कर्मचारियों का तर्क है कि वसूली कार्य उनके मूल कार्यक्षेत्र का हिस्सा नहीं है, फिर भी उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। वसूली के आंकड़ों में मामूली कमी आने की स्थिति में भी बिना किसी ठोस जांच के कर्मचारियों को निलंबित किया जा रहा है जिससे पूरे विभाग में असुरक्षा और तनाव का माहौल बन गया है।

​लक्ष्य से अधिक वसूली के बाद भी निलंबन 

​मप्रविमं तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने जबलपुर सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार फरवरी माह के दौरान विभाग ने राजस्व वसूली के लिए 64.5 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे लाइन कर्मियों ने अपनी मेहनत से पार करते हुए कुल 66 करोड़ रुपये का संग्रह किया। इसके बावजूद कई समर्पित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि उच्च अधिकारी अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रहे हैं।

​कर्मचारी संगठन ने की तत्काल बहाली और जांच की मांग

​इस विवाद को देखते हुए कर्मचारी संघ के प्रमुख सदस्य एसके मौर्य, केएन लोखंडे, एसके सिंह, एसके शाक्य और मदन पटेल ने प्रबंधन के समक्ष अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। संघ ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि निलंबित किए गए सभी लाइन कर्मियों को बिना किसी देरी के बहाल किया जाए। साथ ही उन्होंने अधीक्षण अभियंता की कार्यशैली की जांच करने और उनसे वर्तमान प्रभार वापस लेने की बात कही है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो भविष्य में काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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