khabar abhi tak

फर्जी जमानत मामले में कथित पत्रकार पहुंच गया जेल

 


जबलपुर। जबलपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक सोनी की अदालत ने फर्जी तरीके से जमानत लेने के मामले में आरोपी सतीश रजक को जेल भेज दिया है। आरोपी हरदुली बरगी का निवासी है और उसने एक आपराधिक प्रकरण में अपनी पहचान छिपाकर दूसरे व्यक्ति के नाम पर जमानत ली थी। यह पूरा मामला वर्ष 2015 का है, जब एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में आरोपी आकाश सोनकर की जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेश किए गए थे। उस समय विशेष न्यायाधीश आर आर बड़ोनिया की अदालत में यह प्रक्रिया अपनाई गई थी। ​न्यायालय के समक्ष रामप्रसाद वल्द पुन्नू गौड़ निवासी धवई बरगी के नाम से जमीन की बही पेश कर जमानत ली गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जब न्यायालय ने इस जमानत की आंतरिक जांच करवाई, तब फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। न्यायालय ने असली भू-स्वामी रामप्रसाद को बुलाकर पूछताछ की, जिसमें उसने किसी भी व्यक्ति की जमानत लेने से साफ इंकार कर दिया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि असली दस्तावेज किसी और के थे, लेकिन उन पर फोटो बदलकर और फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय को गुमराह किया गया था।

​वर्ष 2015 के मामले में हुई कार्रवाई

​अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सतीश रजक ने ही रामप्रसाद बनकर आकाश सोनकर की जमानत ली थी। आरोपी ने जमीन की बही पर अपनी फोटो लगाई थी ताकि वह पहचान में न आ सके। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मामले में साक्ष्य जुटाए और पाया कि आरोपी ने पूरी योजना के तहत अदालती कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास किया था।

​विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तारी

​सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी सतीश रजक के विरुद्ध आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 205 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपी सतीश रजक क्षेत्र में स्वयं को कथित तौर पर पत्रकार बताकर सक्रिय रहता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पूर्व में अन्य किसी मामले में तो इस तरह की फर्जी जमानत नहीं ली है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak