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कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स पर सरकार झुकी,आदेश हुआ जारी

वाहन मालिकों के विरोध के बाद टैक्स वृद्धि का आदेश निरस्त

जबलपुर। कॉमर्शियल वाहन स्वामियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग द्वारा लाइफटाइम टैक्स की दरों में की गई वृद्धि के निर्णय को वापस ले लिया गया है। अब प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों पर 6 प्रतिशत के स्थान पर पूर्व निर्धारित 5 प्रतिशत की दर से ही लाइफटाइम टैक्स देय होगा। परिवहन सचिव मनीष सिंह के कार्यालय द्वारा इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस आदेश के बाद पिछले कुछ समय से टैक्स वृद्धि को लेकर चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है।

-​टैक्स वृद्धि का जारी था विरोध

​परिवहन मुख्यालय ने हाल ही में प्रदेश के समस्त कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले लाइफटाइम टैक्स को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। इस एक प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट जगत में भारी असंतोष व्याप्त था। ट्रांसपोर्टर्स का तर्क था कि अचानक टैक्स बढ़ने से उनके व्यापारिक बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच जबलपुर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में सक्रियता दिखाई। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने परिवहन सचिव मनीष सिंह से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा था। इस मुलाकात के दौरान ट्रांसपोर्टर्स ने बताया कि टैक्स बढ़ने से वाहन मालिक असमंजस की स्थिति में थे और इससे निवेश व व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे थे। जनहित और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए शासन ने टैक्स की दर को पुनः 5 प्रतिशत करने का आदेश प्रभावी कर दिया है।

-​ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की सक्रियता 

​इस पूरे घटनाक्रम में जबलपुर के प्रमुख ट्रांसपोर्ट नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ज्ञापन सौंपने और अपनी मांगें प्रमुखता से रखने वालों में परमजीत सिंह, प्रिंसी बग्गा, सुधीर भागचंदानी और बलजीत सिंह मंगत शामिल थे। इनके साथ ही बृजमोहन ठाकुर, संजय जैन, श्याम गुप्ता और राजू जैन ने भी परिवहन सचिव के समक्ष वाहन मालिकों की व्यावहारिक कठिनाइयां विस्तार से रखी थीं। ट्रांसपोर्टरों का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में अतिरिक्त कर का बोझ वहन करना कठिन हो रहा था। सचिव स्तर पर हुई चर्चा के बाद विभाग ने माना कि पुरानी दर को बरकरार रखना ही उचित होगा। इस संशोधन के बाद अब आरटीओ कार्यालयों में नए वाहनों के पंजीकरण और पुराने वाहनों के टैक्स भुगतान की प्रक्रिया 5 प्रतिशत की दर के आधार पर ही संचालित की जाएगी।

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