जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कर्मचारी संघ के आगामी चुनावों के आयोजन को लेकर छिड़ा विवाद अब काफी गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वरिष्ठ कर्मचारी नेता, कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष और प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश पुरोहित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस थमाया है। प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक कुलगुरु के साथ चुनावी चर्चा के दौरान प्रेम प्रकाश पुरोहित का आचरण अमर्यादित रहा है। इस संबंध में प्रशासन ने उनसे लिखित स्पष्टीकरण की मांग की है।
कुलगुरु के साथ चर्चा के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
पूरा मामला कर्मचारी संघ के चुनाव की तिथियों और आयोजन की रूपरेखा तय करने से जुड़ा है। इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करने के लिए वरिष्ठ कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलगुरु से भेंट करने पहुंचा था। प्रशासन का दावा है कि इस मुलाकात के दौरान शिष्टाचार का उल्लंघन हुआ जिसके चलते नोटिस जारी करना अनिवार्य हो गया। दूसरी ओर कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग इस प्रशासनिक कार्रवाई को दमनकारी मान रहा है। कर्मचारी संघ के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों सहित कई वरिष्ठ कर्मचारियों ने इस घटनाक्रम पर अपनी उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा है कि नोटिस में लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि एक लोकप्रिय और अनुभवी प्रतिनिधि के साथ संवाद के बजाय सीधे नोटिस की प्रक्रिया अपनाना कर्मचारी हितों के खिलाफ है।
कर्मचारियों की सभा में होगा फैसला
विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद कर्मचारियों के बीच भारी असंतोष व्याप्त हो गया है। कर्मचारी नेताओं का मानना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना उनका अधिकार है और प्रशासन द्वारा इस तरह का दबाव बनाना अनुचित है। इसी विरोध स्वरूप आज दोपहर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर सभी कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस सभा में प्रेम प्रकाश पुरोहित को दिए गए नोटिस और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक के माध्यम से कर्मचारी अपनी एकजुटता प्रदर्शित करेंगे और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सामूहिक राय ली जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रकरण को लेकर लगातार चर्चाओं का बाजार गर्म है और कर्मचारियों की इस बैठक में बड़ी संख्या में जुटने की अपील की गई है।
