
नई दिल्ली. केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 67 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हलचल तेज हो गई है. ताजा अपडेट के अनुसार, सरकार ने हितधारकों से फीडबैक लेने के लिए MyGov पोर्टल पर एक विशेष विंडो शुरू की है. इसके जरिए कर्मचारी यूनियन और व्यक्तिगत स्तर पर लोग 30 अप्रैल 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं. माना जा रहा है कि नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में जोरदार इजाफा होगा.
सुझाव देने की अंतिम तारीख और प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए MyGov पोर्टल पर एक प्रश्नावली जारी की है. इसमें वेतन संरचना, पदोन्नति के अवसर और भत्तों के संबंध में राय मांगी गई है. इस पोर्टल पर सुझाव देने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है. इसके बाद आयोग इन सुझावों का विश्लेषण कर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा.
फिटमेंट फैक्टर और वेतन में संभावित वृद्धि
8वें वेतन आयोग में सबसे बड़ी चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. कर्मचारी संगठनों की ओर से मांग की जा रही है कि इसे वर्तमान 2.57 से बढ़ाकर 2.86 या 3.0 किया जाए. यदि सरकार इसे स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 34,000 रुपये या 54,000 रुपये तक पहुंच सकती है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे कुल वेतन में 25 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है.
पेंशनभोगियों के लिए क्या है खास?
नए वेतन आयोग का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा. पेंशनभोगियों के लिए भी पेंशन रिवीजन की प्रक्रिया शुरू होगी. यदि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होती है, तो न्यूनतम पेंशन में भी उसी अनुपात में इजाफा होगा. इसके अलावा, कम्युटेशन पीरियड को 15 साल से घटाकर 11-12 साल करने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जा रहा है.
कब तक लागू होगी नई व्यवस्था?
आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी समय लग सकता है. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला पैनल अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय ले सकता है. हालांकि, यह स्पष्ट है कि नई दरें 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी होंगी.