जबलपुर/नरसिंहपुर। सुप्रीम कोर्ट ने नरसिंहपुर जिले के 23 साल पुराने भग्गू कुचबंदिया उर्फ भागचंद पहलवान हत्याकांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने जबलपुर हाईकोर्ट के निर्णय को पलटते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। इस मामले में गुर्जर समुदाय से जुड़े 19 आरोपियों को आठ सप्ताह के भीतर न्यायालय के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला 11 जुलाई 2003 का है। उस दिन मध्यप्रदेश केसरी रहे भग्गू कुचबंदिया उर्फ भागचंद पहलवान नर्मदा स्नान कर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल भग्गू पहलवान को गाडरवारा सिविल अस्पताल ले जाया गयाए जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। हत्याकांड के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकिए बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दे दी थीए जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सही ठहराया है। सभी 19 दोषियों को आठ सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया गया है।