पुलिस अधिकारियों को दी गई शिकायत में सतीष कुमार यादव ने बताया गया कि उपभोक्ता घनश्याम रैकवार निवासी ग्राम समन्ना पोस्ट आमखेड़ा दमोह ने 23 मार्च को कॉल किया और अपना गोल्ड स्थानातांरण के लिए कहा गया। घनश्याम रैकवार ने ब्रांच के नंबर पर कॉल कर असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर से बात की। उपभोक्ता ने कहा कि मेरा ईएसएएफ फाइनेंस बैंक गोपालगंज शाखा में लोन चल रहा है। वहां ब्याजदर ज्यादा लेने के कारण मैं इस लोन को मणप्पुरम गोल्ड लोन में ट्रांसफर करना चाहता हूं। उपभोक्ता ने 18 लाख का लोन बताया और 50 हजार ब्याज बताया था। घनश्याम रैकवार दोपहर करीब 1 बजे मणाप्पुरम ब्रांच आया और सभी दस्तावेज पेश कर प्रक्रिया पूरी की। प्रक्रिया पूरी होने पर 18 लाख 50 हजार रुपए की राशि उसके खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद उपभोक्ता मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड से ईएसएएफ बैंक से अपना खाता बंद कराने और गोल्ड लाकर लोन बनवाने का हवाला देकर गायब हो गया। जब ब्रांचहेड ने ईएसएएफ बैंक पहुंचकर जानकारी ली तो वहां के मैनेजर ने बताया कि उक्त स्लिप के अनुसार कोई भी लोन नहीं है स्लीप फर्जी है। मामला सामने आते ही उपभोक्ता को देखा तो लेकिन वह चला गया था। उसके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। मामले की शिकायत पर जांच करते हुए पुलिस घनश्याम के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मामला जांच में लिया है।