पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अनिल की गांव से भागने के बाद वह सबसे पहले केरल गया। जहां उसने अपना नाम मनीष बताया। इसके बाद वह बिहार के मधुबनी पहुंचा और वहां अपना नाम मोहम्मद सद्दाम हुसैन रख लिया। इसी नाम से उसने वहां एक मुस्लिम युवती से शादी भी कर ली, जिससे उसके तीन बच्चे हैं। उसका ससुराल पक्ष उसे आज भी सद्दाम हुसैन के नाम से ही जानता था। बिहार के बाद वह दिल्ली चला गया और वहां दिल्ली विकास प्राधिकरण में ठेकेदारी करने लगा। उसके खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट से स्थायी वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अनिल को पकडऩे के लिए पांच टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने छत्तीसगढ़, बिहार व दिल्ली तक करीब 5 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। आखिरकार साइबर सेल और दूसरे राज्यों की पुलिस की मदद से उसे दिल्ली से दबोच लिया गया। इस बड़ी कामयाबी में केरल, बिहार और दिल्ली पुलिस का भी सहयोग रहा।