कोटा. केन्द्रीय श्रम संगठनों की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में देश के 10 केन्द्रीय श्रम संगठनों इंटक, एटक, एच.एम.एस., सीटू, राज.टेऊ.यू.केन्द्र, बीमा, बैंक के सभी श्रमिकों एवं संगठित व असंगठित क्षेत्र की यूनियनें एवं अन्य शामिल संगठन द्वारा हड़ताल को सफल बनाया तथा सभी संगठनों ने कोटा जिला कलेक्टर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर आम सभा आयोजित की.जिसमें प्रमुख रूप से केन्द्रीय श्रम संगठनों का संयुक्त मोर्चा कोटा के संयोजक व हिन्द मजदूर सभा के महामंत्री कॉमरेड मुकेश गालव ने आम सभा को संबोधित करते हुये कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा भारतीय संविधान, कल्याणकारी राज्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बिना केन्द्रीय श्रम संगठनों से कोई विचार-विमर्ष किए देश-विदेशी पूँजी और नैगमिक पूँजीपति घरानों के हित में बनाई गई घोर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को एकतरफा दिनांक 21.11.2025 से लागू किए जाने की घोषणा करके भारत के मजदूरवर्ग के खिलाफ एक युद्ध छेड़ दिया है।
श्री गालव ने सरकार को चेताया कि सरकार ने समय रहते हुये मजदूरों की मांग नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी। जिससे होने वाली औद्योगिक अशांति की पूरी जवाबदारी भारत सरकार की होगी। केन्द्रिय श्रम संगठनों के संयुक्त मार्चो द्वारा आज जिलाधीश कार्यालय कोटा पर नारेबाजी की गई तथा माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।
ये मांगें की गई
1. मजदूर विरोध चारों लेबर कोड वापस लो।
2. न्यूनतम वेतन रू. 26000/- प्रतिमाह हो
3. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों का निजीकरण बन्द करो।
4. न्यूनतम पेंशन 9000/- प्रतिमाह करो।
5. ट्रेड यूनियन का पंजीयन आवेदन के 45 दिन में सुनिश्चित करो।
6. मंहगाई पर रोक लगाओ।
7. नये रोजगार के अवसर सृजन कर बेरोजगारी पर रोक लगाओ।
विरोध प्रदर्शन में इंटक के कोटा जिला अध्यक्ष हेमन्त दाधिच, एचएमएस की महिला अध्यक्ष सुश्री चम्पा वर्मा, जिला महामंत्री सीटू उमाशंकर, जे.के.सिन्थेटिक्स मजदूर यूनियन के हबीबखान, ललिता गुप्ता, पदम पाटोदी एलआईसी कर्मी नेता एम.एस.वालिया, वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के कोषाध्यक्ष इरशाद खान, नरेश मालव, आजाद हिन्द बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन, आंगनबाड़ी कर्मचारी सहित 500 से अधिक श्रमिक वर्ग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल थो।

