जबलपुर. अनुसूचित जाति अधिकारियों के साथ जातिगत उत्पीडऩ के मामले में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स), नगरीय निकाय प्रकोष्ठ, नगर निगम जबलपुर द्वारा जिला कलेक्टर जबलपुर को ज्ञापन सौंपकर की है.
अजाक्स संघ के अनुसार, श्री राजेश साकेत एवं श्री बृजेश कुमार जाटव (अनुसूचित जाति अधिकारी) के साथ विभागीय वरिष्ठ अधिकारी श्री प्रमोद कुमार मिश्रा द्वारा कथित रूप से जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीडऩ, वेतन अवैधानिक रूप से रोकना तथा खुले रूप से धमकी देने जैसी गंभीर घटनाएं की गई हैं।
संघ ने इसे केवल प्रशासनिक अनियमितता नहीं, बल्कि एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध बताया है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीडि़त अधिकारी एवं उनके परिवार भय एवं मानसिक तनाव की स्थिति में जीवन यापन करने को विवश हैं।
अजाक्स संघ ने प्रशासन से ये मांगें की
- आरोपी अधिकारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
- एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पीडि़त अधिकारियों का रोका गया वेतन तत्काल जारी किया जाए।
- पीडि़त अधिकारियों एवं उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
- मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
- संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन उच्च न्यायालय एवं अन्य संवैधानिक मंचों की शरण लेने को बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संघ अध्यक्ष श्री अमित मेहरा, अक्षय करी, गुलशन जबलपुरी, राजेंद्र पटेल, मन्नू पटेल एडवोकेट, दीपक नरसम्मालु, रामू भैया, कोयरी नायडू, श्रीनिवास्लु रामाराव, अशोक वर्मा मागरदे, महेंद्र मलिक, राहुल आदित्य, सत्यम सैमुअल, पहलाद बर्मन, विजय सेन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे.
