भेड़ाघाट में मौत का तांडव: नर्मदा के भंवर में फंसी डोंगी, चार मजदूरों ने लगाई मौत की छलांग, एक की जलसमाधि


जबलपुर।
 संस्कारधानी जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट के पास रविवार की शाम नर्मदा नदी की लहरों ने एक ऐसा खौफनाक मंजर दिखाया, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी। मजदूरी के लिए छत्तीसगढ़ से आए चार श्रमिक उस वक्त काल के गाल में समाते-समाते बचे, जब उनकी छोटी सी डोंगी नदी के बीचों-बीच एक शक्तिशाली भंवर की चपेट में आ गई। खुद को डूबता देख और मौत को सामने खड़ा पाकर चारों मजदूरों ने उफनती नदी में छलांग लगा दी। इस दौरान तीन मजदूर तो जिंदगी की जंग जीतकर सुरक्षित किनारे लग गए, लेकिन उनका एक साथी पानी के प्रचंड वेग और भंवर के आकर्षण में ऐसा उलझा कि वह सदा के लिए गहरी लहरों में समा गया।

मौत का भंवर और वो खौफनाक रात

​मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 8 बजे जब चारों ओर अंधेरा पसरा था, तब भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बंधा के पास यह हृदयविदारक हादसा हुआ। ये मजदूर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ग्राम बकालो से यहां पेट की आग बुझाने आए थे। चश्मदीद गणेश्वर सिंह ठाकुर ने कांपती आवाज में बताया कि कुल 13 मजदूर यहां काम के लिए आए थे। रविवार शाम चार मजदूर एक छोटी डोंगी पर सवार होकर नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। जैसे ही नाव मंझधार में पहुंची, वहां अचानक एक भीषण भंवर उठा जिसने नाव को अपनी गिरफ्त में ले लिया। नाव डगमगाने लगी और उसमें पानी भरने लगा। डूबने के डर और दहशत में आकर चारों श्रमिकों ने जान बचाने के लिए उफनती नर्मदा में छलांग लगा दी। तीन मजदूर तो किसी तरह तैरकर किनारे आ गए, लेकिन एक अभागा साथी पानी के तेज खिंचाव के आगे हार गया। पुलिस जब तक मौके पर पहुंची, तब तक काफी देर हो चुकी थी और उस श्रमिक की डूबने से मौत हो गई थी।

प्रशासनिक लापरवाही और 'पावर प्लांट' के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

​यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन असुरक्षित साधनों और सुरक्षा उपकरणों की कमी का नतीजा है, जिनके भरोसे गरीब मजदूर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। जिस पावर प्लांट के पास यह हादसा हुआ, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बंधा गांव के पास नर्मदा का यह हिस्सा बेहद गहरा और खतरनाक है। यहां अक्सर पानी के भीतर हलचल बनी रहती है, जिससे नाव चलाना किसी सुसाइड मिशन से कम नहीं है। अब पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि क्या नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे या फिर नदी के जलस्तर में अचानक आए बदलाव के कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल, पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। रविवार का दिन, जो आमतौर पर मजदूरों के लिए आराम और सुकून का होता है, वह अब उनके लिए कभी न भूलने वाला जख्म बन गया है।

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