नई दिल्ली/जबलपुर. पीएम गति शक्ति योजना की बैठक में रेलमंत्रालय ने मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के बीच एक नया रेल कॉरीडोर तैयार करने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रस्ताव में इटारसी से जबलपुर होकर मानिकपुर तक तीसरी लाइन बिछाने की योजना है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबित बहुआयामी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की 109वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप रेलवे, मेट्रो रेल और विमानन क्षेत्रों की परियोजनाओं का आकलन किया गया, जिसमें एकीकृत अवसंरचना नियोजन, आर्थिक और सामाजिक केंद्रों तक अंतिम-मील कनेक्टिविटी और संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया गया।
रेल परियोजनाएं : इटारसी-जबलपुर-मानिकपुर तीसरी लाइन
बैठक में रेल मंत्रालय ने मानिकपुर और इटारसी के बीच तीसरी रेलवे लाइन के प्रस्ताव को रखा, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 518.53 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। चित्रकूट, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जैसे जिलों से गुजरने वाली इस परियोजना का उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना, परिचालन क्षमता में सुधार करना और उत्तर-मध्य भारत के इस महत्वपूर्ण गलियारे पर बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की मांग को पूरा करना है। प्रस्तावित तीसरी रेल लाइन से परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने, नेटवर्क की मजबूती में सुधार होने और बढ़ती यातायात मांग को पूरा करने तथा भीड़भाड़ को कम करने के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं की शुरुआत होने की उम्मीद है। भविष्य के यातायात के लिए इस रूट को अपग्रेड किया जाना है।
इन रेल प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा
जालंधर कैंट-जम्मू तवी स्टेशन के बीच प्रस्तावित तीसरी रेल लाइन (पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू की समीक्षा हुई। यह पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से होकर 210.750 किमी लंबी लाइन होगी। प्रस्तावित मार्ग में 27 स्टेशन होंगे।
असम के डोलू-सिलचर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास प्रोजेक्ट की भी समीक्षा हुई। यह नेशनल हाईवे 27 के निकट रणनीतिक रूप से स्थित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास का प्रोजेक्ट है। इससे कछार जिले और आसपास सफर आसान होगा।
गुजरात में सूरत मेट्रो कॉरिडोर का प्रथम चरण सरौली से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तक विस्तार प्रोजेक्ट है। 4.4 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड विस्तार में तीन स्टेशन शामिल हैं, जिनमें दो भावी स्टेशनों का भी प्रावधान है।
