जबलपुर। खजरी खिरिया निवासी एक परिवार अपने जुड़वां नवजात बच्चों की मौत के मामले में पिछले पांच महीनों से न्याय की गुहार लगा रहा है। रामराज पटेल और उनकी पत्नी वंदना पटेल ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले की निष्पक्ष पुन: जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इलाज में लापरवाही का आरोप
जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2025 को 'मातृ ऑर्थो एंड गायनिक सेंटर' में वंदना पटेल ने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि जन्म के समय दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनमें पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल द्वारा समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया। जब स्थिति बिगड़ी और पीलिया का स्तर अत्यधिक बढ़ गया, तब बच्चों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत जबलपुर में और दूसरे की नागपुर में हो गई।
जांच रिपोर्ट पर असंतोष, पुनः जांच की मांग
इस दुखद घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की जांच कराई गई थी। हालांकि, विभाग की रिपोर्ट में बच्चों की मौत का कारण 'ब्लड ग्रुप संबंधी जटिलता' बताया गया है। परिजनों ने इस रिपोर्ट पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि उन्हें इलाज के दौरान किसी भी प्रकार का स्पष्ट आश्वासन या जानकारी नहीं दी गई थी। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी तरीके से दोबारा जांच की जाए और लापरवाही बरतने वाले अस्पताल प्रबंधन व जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
