जबलपुर। वेटरनरी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ यूसी शर्मा ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार अत्यंत आवश्यक है। उक्त आशय के विचार उन्होने नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय और इंडियन सोसायटी फॉर वेटरनरी सर्जरी के संयुक्त तत्वावधान में जबलपुर में आयोजित 48वें अधिवेशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
डॉ शर्मा ने अपने संबोधन में आगे कहा कि देश और प्रदेश में किसानों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएंए आधुनिक पशु अस्पताल और सशक्त अनुसंधान तंत्र उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इससे पशुपालन क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पशु चिकित्सा सेवाओं में सुधार हुआ हैए लेकिन ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उनका जोर था कि प्रत्येक गांव में सुसज्जित पशु चिकित्सालयए आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध होना चाहिएए ताकि पशुपालकों को समय पर उपचार मिल सके।
तीन प्रमुख बिंदुओं पर हो काम-
डॉ शर्मा ने पशु चिकित्सा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए तीन अहम बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर मजबूत वेटरनरी इंफ्रास्ट्रक्चर होए पशु चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाए और आधुनिक तकनीक आधारित सेवाओं का विस्तार किया जाए।
11 रिसर्च पेपर पर होगी चर्चा-
तीन दिवसीय अधिवेशन में 11 शोध पत्र प्रकाशित किए जाएंगेए जिन पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी। संगोष्ठी के दौरान वेटरनरी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनदीप शर्मा ने की। मंचासीन अतिथियों में इंडियन सोसाइटी ऑफ वेटरनरी सर्जरी के अध्यक्ष डॉ रमेश, सेक्रेटरी डॉ डीबी पाटिल, संस्थापक सदस्य डॉ पी कुलकर्णी, अधिष्ठाता वेटरनरी डॉ आरके शर्मा व आयोजन सचिव डॉ अपरा शाही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।