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डॉ. हेमलता प्रॉपर्टी केस:अब डॉक्टर जैन दूसरे डॉक्टरों पर लगा रहे आरोप


जबलपुर: संपत्ति विवाद पर डॉ. सुमित जैन का पक्ष; बोले,डॉ. तरुण बहरानी और अभिजीत मुखर्जी ने रची मेरे विरुद्ध साजिश

जबलपुर।  डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति से जुड़े मामले में डॉ. सुमित जैन ने एक प्रेस नोट के माध्यम से हालिया विवादों पर अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि डॉ. हेमलता श्रीवास्तव द्वारा उनके और उनकी पत्नी डॉ. प्राची जैन के पक्ष में किया गया दान पत्र पूर्णतः स्वेच्छापूर्ण और कानूनी रूप से वैध है। उन्होंने अन्य चिकित्सकों पर षड्यंत्र रचने और संपत्ति हड़पने का प्रयास करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. जैन ने बताया कि उनके डॉ. रचित श्रीवास्तव (दिवंगत) के साथ गहरे मित्रवत संबंध थे, जिस कारण वे उनके माता-पिता डॉ. हेमलता और स्व. महेश प्रसाद श्रीवास्तव की लंबे समय से पुत्रवत सेवा कर रहे थे। डॉ. रचित की 2022 में मृत्यु के बाद, श्रीवास्तव दंपति की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, जिसके बाद डॉ. जैन ने उनके इलाज और दैनिक खर्चों में निस्वार्थ सहायता की। इसी स्नेह और सेवा से अभिभूत होकर डॉ. हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी 11,000 वर्गफुट जमीन डॉ. जैन और उनकी पत्नी को दान स्वरूप प्रदान की।

मेमोरियल क्लीनिक का संकल्प और कानूनी प्रक्रिया

​इस दान का मुख्य उद्देश्य डॉ. बी.एल. श्रीवास्तव और डॉ. रचित श्रीवास्तव की स्मृति में एक 'मेमोरियल क्लीनिक' का निर्माण करना है。 डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि 02 जनवरी 2026 को रजिस्ट्रार ऑफिस में दो गवाहों और उप रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सभी शर्तें पढ़कर सुनाने के बाद ही यह दान पत्र निष्पादित किया गया था। इस प्रक्रिया में डॉ. जैन ने करीब 70 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी भी चुकाई है और भविष्य में 5 से 10 करोड़ रुपये के बैंक लोन की योजना भी डॉ. हेमलता को स्पष्ट कर दी थी।

डॉ. तरुण बहरानी और अभिजीत मुखर्जी पर षड्यंत्र का आरोप

​प्रेस नोट के अनुसार, जब डॉ. जैन ने इस दान पत्र के बारे में डॉ. तरुण बहरानी को बताया, तो उन्होंने ईर्ष्यावश षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। आरोप है कि डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के बीमार होने पर उन्हें मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉ. तरुण बहरानी और डॉ. अभिजीत मुखर्जी ने डॉ. जैन को उनसे मिलने से रोका और उनके विरुद्ध गलत बातें फैलाईं। डॉ. जैन का दावा है कि इन डॉक्टरों ने डॉ. हेमलता को उत्तेजनात्मक दवाइयां देकर उनके गलत बयान और वीडियो रिकॉर्ड किए ताकि संपत्ति पर स्वयं कब्जा कर सकें।

साक्ष्य और भविष्य की योजना

​डॉ. जैन ने उल्लेख किया कि डॉ. तरुण बहरानी का पूर्व में भी संपत्तियों पर अवैध कब्जे का आपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के साथ पारिवारिक कार्यक्रमों के कई ऑडियो, वीडियो और फोटोग्राफ मौजूद हैं, जो उनके मधुर संबंधों की पुष्टि करते हैं। 6 फरवरी 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा और किसी भी प्रकार के अवैधानिक कृत्य से इनकार किया

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