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जबलपुर: डॉ. हेमलता बोलीं,मैंने कोई रजिस्ट्री नहीं की, न दानपत्र लिखा


बुजुर्ग डॉक्टर की हालत में सुधार, दान पत्र विवाद पर दर्ज हुए बयान

जबलपुर। नेपियर टाउन निवासी 81 वर्षीय डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। फिलहाल वे मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं, जहाँ पुलिस ने उनके प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिए हैं। गौरतलब है कि डॉ. हेमलता को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने 27 जनवरी को कथित तौर पर बंधक बनी स्थिति से मुक्त कराया था। इससे पहले 6 दिसंबर को आईएमए अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा ने उनके बंधक होने की सूचना प्रशासन को दी थी। हालांकि, 15 जनवरी को स्वयं डॉ. हेमलता ने भी मदन महल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है, लेकिन मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान न हो पाने के कारण उस समय कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

जमीन दान करने के दावों को डॉक्टर ने नकारा

​इस मामले में एक गंभीर विवाद जमीन के 'दान पत्र' को लेकर सामने आया है। आरोप है कि 22 जनवरी को जब डॉक्टर को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में उन्हें रजिस्ट्री कार्यालय ले जाकर उनकी आधी जमीन 'गायत्री परिवार' के नाम करा दी गई। अपने बयानों में डॉ. हेमलता श्रीवास्तव ने इस दावे का पूरी तरह खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो कोई रजिस्ट्री की है और न ही किसी को जमीन दान में दी है। बुजुर्ग डॉक्टर के इस बयान के बाद अब पुलिस ने धोखाधड़ी और बंधक बनाने के आरोपों पर अपनी जांच तेज कर दी है।

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