khabar abhi tak

पमरे के नए जीएम का ऐलान कभी भी, 'प्रवीण' का दावा सबसे मजबूत!


जबलपुर।
पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों हलचल तेज है। वर्तमान महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के कार्यकाल का आज अंतिम दिन होने के कारण, नए मुखिया के नाम को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। रेलवे बोर्ड के स्तर पर नए नाम को लेकर गहन विचार-विमर्श का दौर जारी है, लेकिन आधिकारिक तौर पर अब तक किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। इस देरी ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं और कयासों के बाजार को गर्म कर दिया है।

रेलवे बोर्ड में मंथन अंतिम दौर में

​रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नए महाप्रबंधक के चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस पद के लिए वरिष्ठ रेल अधिकारी प्रवीण शर्मा का नाम सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहा है। चर्चा है कि रेलवे बोर्ड ने उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया है, हालांकि जब तक औपचारिक आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नाम पर अंतिम मुहर मानना जल्दबाजी होगी।जानकारों का कहना है कि यदि आज देर शाम तक नए महाप्रबंधक के नाम की घोषणा नहीं होती है, तो पमरे में अंतरिम व्यवस्था के तहत किसी वरिष्ठ अधिकारी को प्रशासनिक कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। रेल मंत्रालय और बोर्ड की नजरें इस महत्वपूर्ण जोन के नेतृत्व पर टिकी हैं और माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

नए मुखिया के समक्ष होंगी ये चुनौतियां

​जबलपुर मुख्यालय वाला पश्चिम मध्य रेलवे जोन सामरिक और परिचालन की दृष्टि से भारतीय रेलवे का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में इस जोन के अंतर्गत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, रेल लाइनों का दोहरीकरण, विद्युतीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार के कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। ऐसे में नए आने वाले महाप्रबंधक के लिए इन लंबित परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी। रेलवे कर्मचारी संगठनों और जानकारों का मानना है कि नए मुखिया को न केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देना होगा, बल्कि सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने और यात्री सेवाओं में गुणवत्ता सुधारने की दिशा में भी कड़े कदम उठाने होंगे। फिलहाल, पूरे जोन के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड के निर्णय पर टिकी हैं कि पमरे की कमान अब किसके हाथों में सौंपी जाती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak