पुलिस अधिकारियों ने के अनुसार आठवीं कक्षा में अध्ययनरत बालक बीती शाम करीब 7.30 बजे वह घर के बाहर से लापता हो गया था। देर रात तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की और थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सीसीटीवी फुटेज में बच्चा एक बिल्डिंग में जाता दिखा। परिजन और पुलिस ने जब बिल्डिंग की तलाशी ली, तो छत पर खून से सना जैकेट मिला। छत पर तीन-चार जगह खून के छब्बे भी थे, जिन्हें साफ करने की कोशिश के संकेत मिले। तलाशी के दौरान आरोपी रेहान उम्र 21 वर्ष पुलिस के साथ ही घूमता रहा। उसके हाव-भाव संदिग्ध लगे। पूछताछ में वह टालमटोल करता रहा। पुलिस ने उसके हाथ और गले पर खरोंच देखीं। उसने दावा किया कि मशीन का काम करता है लेकिन जांच में पता चला कि वह चार महीने से वर्कशॉप गया ही नहीं। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी ने बच्चे के साथ दुष्कृत्य की कोशिश की थी। बच्चे के विरोध करने और चिल्लाने पर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। यह वारदात बच्चे के घर से करीब 30 मीटर दूर एक छह मंजिला बिल्डिंग की छत पर की गई। बाद में शव को चौथी मंजिल के फ्लैट में ले जाकर छिपाया गया। पुलिस को सख्ती से पूछताछ पर रेहान टूट गया और बताया कि शव पलंग पेटी में छिपाया है। पुलिस ने जब उसकी दादी को बिस्तर से हटाकर दीवान खोला, तो कंबल में लिपटा बच्चे का शव मिला। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर रेहान को गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरा आरोपी फरार-
रेहान के साथ उसका दोस्त रिजवान भी था जो फरार है। आरोपी के ताऊ अब्दुल रफीक की लोकेशन खंडवा रोड के पास मिली है, जिसकी देर रात तक तलाश की जाती रही।