जबलपुर। नेशनल हाईवे-45 पर स्थित शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता ने एक बार फिर विकास के दावों की पोल खोल दी है। रविवार शाम करीब 5 बजे ओवरब्रिज का दूसरा हिस्सा भी अचानक ढह गया, जिसके बाद से इस रूट पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में इस पुल का एक हिस्सा पहले ही धंस चुका था, जिसके बाद से सारा ट्रैफिक दूसरे हिस्से पर डायवर्ट किया गया था। दबाव बढ़ने के कारण अब बचा हुआ हिस्सा भी धराशायी हो गया है।
ट्रैफिक डायवर्ट होने से लगा लंबा जाम, टोल फ्री किया गया
हादसे के बाद शहपुरा-भोपाल मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थिति को संभालने के लिए यातायात को शहपुरा नगर के अंदर से डायवर्ट किया गया है, लेकिन संकरी सड़कों के कारण वहां जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए टोल प्लाजा मैनेजर ने बताया कि वाहनों को बिना किसी शुल्क के निकलने की अनुमति दी गई है ताकि ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।
3 साल में ही पुल धराशायी, घटिया निर्माण पर उठे सवाल
इस घटना ने निर्माण एजेंसी और इंजीनियरिंग विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महज 3 साल पहले बना यह पुल भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री की भेंट चढ़ गया। दिसंबर में हुई पहली क्षति के बाद भी प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, जिसका नतीजा आज पूरा मार्ग बंद होने के रूप में सामने आया है। खराब इंजीनियरिंग और लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
युवक कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
पुल गिरने की सूचना मिलते ही युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज पर चढ़कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
