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जबलपुर के शराब ठेकों की भारी डिमांड: भोपाल-इंदौर को पछाड़ा, बना प्रदेश का सबसे महंगा जिला


  • रिन्यूअल प्रक्रिया हुई खत्म, अब 5-5 दुकानों के समूह बनाकर तोड़ा जाएगा सिंडिकेट

जबलपुर। मध्य प्रदेश के नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग ने ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार की टेंडर प्रक्रिया में जबलपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रिजर्व प्राइस के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जबलपुर के लिए 12,396.46 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड रिजर्व प्राइस निर्धारित की गई है,जो उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर और भोपाल जैसे महानगरों की तुलना में काफी अधिक है।

​पहले चरण में 55 जिलों के लिए प्रक्रिया शुरू

​आबकारी विभाग ने प्रदेश के 55 जिलों में पहले चरण के तहत 330 समूहों की करीब 1,200 दुकानों के लिए ऑफर बुलाए हैं। इन दुकानों की कुल रिजर्व प्राइस 6,322.23 करोड़ रुपये रखी गई है। जबलपुर के बाद सूची में उज्जैन (10,319.17 करोड़) और ग्वालियर (10,227.47 करोड़) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। सरकार का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में शराब ठेकों के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाना है। पूरे प्रदेश की बात करें तो कुल 926 समूहों की 3,553 शराब दुकानों की कुल रिजर्व प्राइस 18,591.37 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

-​नई नीति: रिन्यूअल और मोनोपॉली समाप्त

​आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के अनुसार, इस वर्ष की नीति में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब पुराने ठेकेदारों के लिए नवीनीकरण का प्रावधान पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब सभी छोटे-बड़े ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही मैदान में उतरना होगा। साथ ही, किसी एक ठेकेदार का एकाधिकार खत्म करने के लिए 5-5 दुकानों के छोटे समूह बनाए गए हैं। सरकार ने इस बार रिजर्व प्राइस में पिछले वर्ष के मुकाबले 20 प्रतिशत की वृद्धि की है। इच्छुक आवेदक 2 मार्च तक अपने टेंडर जमा कर सकते हैं, जिन्हें उसी दिन शाम 6 बजे खोला जाएगा।

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