साहब.. 500 प्रतिशत बढ़ा हुआ किराया देंगे तो घर कैसे चलेगा,देखें वीडियो


जबलपुर।
छावनी परिषद (कैंट) क्षेत्र के व्यापारियों और जन प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से लिए गए प्रशासनिक निर्णयों के कारण हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। जन प्रतिनिधि अमरचंद बावरिया के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में दुकानों के किराए में की गई बेतहाशा वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।

अत्यधिक किराया वृद्धि और एनओसी की समस्या


व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि दुकानों के किराए में 500 प्रतिशत की वृद्धि पूर्णतः अव्यवहारिक है। नियमानुसार हर तीन वर्ष में केवल 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) न मिलने से भी लोग परेशान हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि वर्ष 2017 के बाद की अवधि के लिए भी किस्तों में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि जोड़कर किराया तय किया जाए और रजिस्ट्रियों के लिए एनओसी देने की प्रक्रिया सरल की जाए।

सीलिंग की कार्यवाही पर रोक और हॉकर जोन की मांग

​ज्ञापन में क्षेत्र में चल रही दुकानों की सीलिंग की कार्यवाही को तत्काल बंद करने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सीलिंग से छोटे दुकानदारों का रोजगार छिन रहा है। व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि छोटे दुकानदारों के व्यवस्थित पुनर्वास के लिए क्षेत्र में 'हॉकर जोन' का निर्माण किया जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय कर सकें। इसके अलावा, नामांतरण शुल्क को सामान्य करने और घरों व दुकानों के बढ़े हुए टैक्स का पुनः आंकलन करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल

इस दौरान मुख्य रूप से अमरचंद बावरिया, पार्षद श्रीमती किरण लखन ठाकुर, पार्षद श्रीमती कविता अमरचंद बावरिया, कैंट ब्लॉक पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र पिल्ले, रितेश तिवारी, जब्बार खान, श्रीमती मीना देशमुख, श्रीमती कंचन डेविड, श्रीमती पिवंकी, श्रीमती रीना और श्रीमती लियो एलायसिस सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे।

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