सिवनी. एमपी के सिवनी जिले में बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 29 लाख रुपए से अधिक की ठगी करने वाले दो सगे भाइयों को कोतवाली पुलिस ने 24 फरवरी मंगलवार की देर रात गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने तीन युवकों से एफसीआई विभाग में नौकरी और सरकारी विभाग में वाहन लगवाने का प्रलोभन दिया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कुल 29 लाख 1 हजार 30 रुपए की धोखाधड़ी की थी। उनके कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसडीओपी के निर्देश पर कार्रवाई
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर बेरोजगारों से ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। अभिषेक चौरसिया (छीतापार, कुरई), अनिल चौरसिया (मरकावाड़ा, केवलारी) और प्रभात नाग्या (शास्त्री वार्ड, सिवनी) ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सुनील शेल्के और उनके बड़े भाई रवि शेल्के ने उन्हें एफसीआई में नौकरी और सरकारी विभाग में वाहन लगवाने का आश्वासन दिया था।
दो भाइयों को किया गिरफ्तार
आरोपियों ने 13 फरवरी 2023 से 16 जून 2025 के बीच फोनपे, नकद और बैंक खातों के जरिए कुल 29,01,030 रुपए लिए। उन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर पीडि़तों को सौंप दिए थे। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर, थाना कोतवाली सिवनी में 22 फरवरी 2026 को संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तलाश के बाद रात सुनील शेल्के (50) और रवि शेल्के (62) को उनके नेहरू रोड, सुभाष वार्ड स्थित निवास से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी, एएसआई दिनेश रघुवंशी, प्रधान आरक्षक नवीन तिवारी और कोतवाली पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल थे। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
