खबर है कि गढ़ा की गुजराती कालोनी में करीब 80 मीटर लंबी इस सीसी सड़क के निर्माण पर लगभग 8 लाख रुपए खर्च किए गए थे। सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों को निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत मिली। जिसकी जांच कराई गई तो सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया था, सड़क की ढलाई के दौरान वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया गया था। वाइब्रेटर नहीं चलने से कांक्रीट ठीक से सेट नहीं हो पाई और परत कमजोर रह गई। तकनीकी मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होते ही विभाग ने तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया। इसके बाद बुलडोजर मौके पर पहुंचा और पूरी नई बनी सड़क को तोड़ दिया गया।
कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी-
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री शिवेंद्र सिंह का कहना है कि 80 मीटर लंबी सीमेंट ब्लैंकेट सड़क का ठेका रीवा की आराध्य कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी द्वारा मानकों का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
PWD मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है-
खासबात तो यह है कि यह पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का मामला है, जहां से राकेश सिंह विधायक है। पीडब्ल्यूडी मंत्री के क्षेत्र में हुए गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लिया है। गुणवत्ता से समझौता न करने के संदेश के तहत सख्त कार्रवाई की गई है।
सड़क तोड़कर दोबारा निर्माण की तैयारी-
फिलहाल सड़क तोड़कर दोबारा निर्माण की तैयारी की जा रही है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि निर्माण में लापरवाही के लिए अंतिम रूप से जिम्मेदारी किस पर तय होगी और ठेकेदार पर क्या ठोस कार्रवाई होगी। मामले को लेकर पूर्व मंत्री और जबलपुर के पाटन से विधायक अजय विश्नोई ने कहा, काश अधिकारी पूरे प्रदेश को मंत्री राकेश सिंह का क्षेत्र समझें और इसी तरह की कार्रवाई हो।